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कोविड-19: कोरोना संक्रमण के मामले में देश के इस राज्य ने चीन को भी छोड़ा पीछे

देश में अकेले 85 हजार से ज्यादा संक्रमित महाराष्ट्र में, जबकि चीन में संक्रमितोंं की संख्या 83,036 है।

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जयपुर

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Mohmad Imran

Jun 08, 2020

कोविड-19: कोरोना संक्रमण के मामले में देश के इस राज्य ने चीन को भी छोड़ा पीछे

कोविड-19: कोरोना संक्रमण के मामले में देश के इस राज्य ने चीन को भी छोड़ा पीछे

महाराष्ट्र ने कोरोना संक्रमितों के मामले चीन को भी पीछे छोड़ दिया है। रविवार को महाराष्ट्र में 3,007 नए केस मिले हैं। वहीं कुल संक्रमित 85,975 हैं इनमें सक्रिय केस 43,591 हैं। सबसे ज्यादा मरीज मुंबई में 1420 बढ़े हैं, कुल संक्रमित 48,774 हैं इनमें सक्रिय केस 25940 हैं। गौरतलब है की चीन में दिसंबर में कोरोना की शुरुआत हुई थी। महाराष्ट्र में 85 हजार से ज्यादा संक्रमित हो गए हैं जबकि चीन में संक्रमितोंं की संख्या 83,036 है।

मौतें 3 हजार पार
महाराष्ट्र में रविवार को 91 मरीजों की मौत हुई है प्रदेश में कुल मौत का आंकड़ा 3060 हो गया है। मुंबई में अब तक 1638 मौतें हो चुकी हैं। कोरोना वायरस से सबसे ज्यादा प्रभावित देशों की सूची में जहां भारत छठे स्थान पर है वहीं देश में इस मामले में महाराष्ट्र लगातार शीर्ष पर बना हुआ है। शुक्रवार को रेकॉर्ड एक दिन में 139 लोगों की संक्रमण से मौत के बाद भी यहां नमूनों की जांच में तेजी नहीं आ पाई है। देश के एक तिहाई कोरोना संक्रमण मामले महाराष्ट्र में ही हैं जबकि अकेले 35 फीसदी संक्रमित मुंबई में हैं।

संक्रमण की दर हुई कम
इस बीच राहत की खबर ये है कि अब महाराष्ट्र के सात-दिवसीय मिश्रित दैनिक विकास दर (कम्पाउंड डेली ग्रोथ रेट या सीडीजीआर) लगातार कुछ दिनों से राष्ट्रीय औसत से नीचे बनी हुई है। तेजी से बढ़ते संक्रमण के बीच लगभग दो महीनों में पहली बार महाराष्ट्र में संक्रमण की वृद्धि दर में पूरे देश की तुलना में गिरावट आई है। गौरतलब है कि महाराष्ट्र में अकेले ही देश के एक तिहाई से अधिक संक्रमित मामले सामने आ चुके हैं।

जलगांव में संक्रमण की मृत्यु दर राष्ट्रीय औसत से चार गुना अधिक
कोरोना वायरस से सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य महाराष्ट्र का एक जिला भी इन दिनों सुर्खियों में छाया हुआ है। मुम्बई से 400 किमी दूर उत्तर-पूर्व में बसे जलगांव में एक महीने में ही कोरोना से संक्रमित 112 लोगों की मौत हो चुकी है। यहां कोरोना की मृत्यु दर 12.3 फीसदी है। जलगांव से सटे भुसावल, अमलनेर और पचोरा में ही 80 फीसदी मौते हुई हैं। यह आंकड़ा इसलिए भी चौंकाता है क्योंकि वर्तमान में जलगांव की मृत्यु दर राष्ट्रीय औसत दर से 4 गुना (2.8 फीसदी) ज्यादा है। 2 मई तक यहां मरने वालों की संख्या 42 ही थी लेकिन हाल ही में केवल 5 दिन में यहां 14 लोगों की मृत्यु हो गई। जलगांव में कोरोना संक्रमण का पहला मामला 28 अप्रेल को सामने आया था।

77 मृतकों में नहीं थे कोई लक्षण
केले की खेती के लिए मशहूर जलगांव में बीते पांच दिनों में ही 14 लोगों की संक्रमण के चलते मौत हो चुकी है। यहां कोरोना से मरने वालों में 60 रोगियों की उम्र 60 साल से ज्यादा जबकि 47 मरीजों की उम्र 50 से 60 वर्षके बीच थी। वहीं ४० से 50 वर्ष की आयु के केवल पांच लोगों की कोरोना के चलते मौत हुई है। लेकिन जो बात सबसे ज्यादा परेशान करने वाली है वह ये कि मरने वालों में 77 संक्रमित ऐसे भी थे जिनमें कोरोना के कोई लक्षण (को-मोर्बिडिटीज) नजर नहीं आ रहे थे।