Yoga For Asthma: World Asthma Day 2025 के मौके पर जानिए ऐसे 3 आसान और असरदार योगासन के बारे में जो अस्थमा मरीजों के लिए बेहद फायदेमंद हो सकते हैं।
Yoga For Asthma: हर साल 6 मई को वर्ल्ड अस्थमा डे (World Asthma Day) मनाया जाता है। इसका मकसद लोगों को अस्थमा जैसी गंभीर लेकिन कंट्रोल में रखी जा सकने वाली बीमारी के बारे में जागरूक करना है। अस्थमा में मरीज को सांस लेने में दिक्कत, सीने में जकड़न और बार-बार खांसी की शिकायत रहती है।
बदलती लाइफस्टाइल, बढ़ते प्रदूषण और कमजोर फेफड़ों के कारण अस्थमा के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। हालांकि योग जैसी भारतीय परंपराओं को अपनाकर इसमें काफी राहत पाई जा सकती है। आइए जानते हैं, इस World Asthma Day 2025 पर 3 ऐसे असरदार योगासन के बारे में जो अस्थमा के मरीजों के लिए बेहद लाभकारी माने जाते हैं। (Yoga For Asthma)
कपालभाति प्राणायाम को योग का एक बेहद प्रभावशाली अभ्यास माना जाता है। यह प्राणायाम सांस की गति को नियंत्रित करता है और फेफड़ों को ताकत देता है। इस अभ्यास में तेजी से सांस बाहर छोड़ने पर ज़ोर दिया जाता है, जिससे शरीर से गंदे तत्व बाहर निकलते हैं और फेफड़ों की सफाई होती है।
कैसे करें: जमीन पर सुखासन में बैठ जाएं। कमर सीधी रखें और आंखें बंद कर लें। अब नाक से तेजी से सांस बाहर छोड़ें और सांस को वापस अंदर आने दें। यह प्रक्रिया एक बार में कम से कम 30 बार दोहराएं। शुरुआत में 2 से 3 मिनट करें फिर धीरे-धीरे समय बढ़ा लें।
फायदा: कपालभाति से फेफड़ों में ऑक्सीजन का प्रवाह बढ़ता है, बलगम जमा नहीं होता और सांस लेने में सहूलियत मिलती है। अस्थमा के मरीजों के लिए यह अभ्यास बेहद उपयोगी है। इसे सुबह खाली पेट करने पर बेहतर असर दिखता है।
सेतुबंधासन यानी ब्रिज पोज एक ऐसा योगासन है जो छाती, फेफड़े और गर्दन को सक्रिय करता है। यह आसन सांस की नली को खोलने में मदद करता है और छाती के फैलाव को बढ़ाता है। जिससे अस्थमा से राहत मिलती है।
कैसे करें: पीठ के बल लेट जाएं, घुटनों को मोड़ लें और दोनों पैरों को जमीन पर रखें। अब धीरे-धीरे कमर और पीठ को ऊपर उठाएं और हाथों को जमीन पर सीधा रखें। इस स्थिति में 15-20 सेकंड तक रहें और फिर धीरे से वापस आएं। यह प्रक्रिया 3 बार दोहराएं।
फायदा: यह आसन फेफड़ों में जगह बनाता है जिससे सांस लेने में आसानी होती है। साथ ही यह तनाव को कम करता है और नींद में सुधार लाता है।
भुजंगासन जिसे कोबरा पोज भी कहा जाता है। यह पीठ और छाती को मजबूत बनाता है। यह आसन छाती को ऊपर उठाने में मदद करता है, जिससे फेफड़ों को अधिक जगह मिलती है और सांस बेहतर तरीके से ली जा सकती है।
कैसे करें: पेट के बल लेट जाएं उसके बाद हथेलियों को कंधों के पास जमीन पर रखें और अब धीरे-धीरे सिर और छाती को ऊपर उठाएं। कोहनियां थोड़ी मुड़ी रहें और पैरों को जमीन पर सीधा रखें। कुछ सेकंड इस स्थिति में रुकें और फिर वापस लेट जाएं। इसे कम से कम 3 बार दोहराएं।
फायदा: यह आसन फेफड़ों की क्षमता बढ़ाता है, पीठ के दर्द में राहत देता है और शरीर में ऊर्जा का संचार करता है। अस्थमा के मरीजों के लिए यह एक बेहतरीन अभ्यास है।