
डिप्रेशन के मरीजों के लिए 40 सेकंड बातचीत का फॉर्मूला
बढ़ती जिम्मेदारियों के चलते जिस तरह से तनाव बढ़ रहा है उससे लोगों में डिप्रेशन भी बढ़ता जा रहा है। कई बार अवसादग्रस्त लोग जीवन के प्रति निराशा से भी घिर जाते हैं। इस सोच को बदलने के लिए कई प्रयास भी किए जाते हैं साथ ही इस दिन को आधार मानते हुए वल्र्ड मेंटल हैल्ड डे भी मनाया जाता है। इस वर्ष इस दिन की थीम रखी गई थी मानसिक तनाव के कारणों और उन्हें कम करने के प्रयासों को बढ़ावा देना व जागरूकता लाना। जानें इसके अलावा क्या किया जा सकता है।
पसंद के व्यक्ति से बात
यदि आप गंभीर अवसाद से गुजर रहे हैंै तो दिनभर में ४० सेकंड का समय किसी ऐसे व्यक्ति से बात करने में बिताएं जो आपके प्रिय व विश्वसनीय हो। वहीं कोई जानकार ऐसे दौर में है तो उसे अपना ४० सेकंड का समय देकर उसकी सोच में सकारात्मकता लाएं। डिजिटल मीडिया पर प्रेरक कहानियां पढ़ें।
इस तरह करें मदद
आप ऐसे लोगों की मदद भी कर सकते हैं जिनसे आप पहले से परिचित नहीं हैं। यदि वे तनावग्रस्त हैं तो उनका साथ जरूर दें। दूसरों के लिए कुछ अच्छा करने के भाव से उन्हें समझें, समझाएं और सहयोग करें ताकि वे अकेला महसूस न करें। इससे वे खुद को इस समस्या से उबारने में सक्षम होंगे।
कारण को समझें
ऐ से युवा जो परिजनों के संग रहने के बावजूद गुमसुम और शांत रहने लगे हैं तो उनपर ध्यान दें। बढ़ते अवसाद के मामले कई कारणों से युवाओं में ज्यादा देखने को मिल रहे हैं। इसलिए परिजन कारण को समझकर समस्या का हल ढूंढें।
एक्सपर्ट : डॉ. राजेश रस्तोगी, कंसल्टेंट, मनोरोग विशेषज्ञ, सफदरजंग अस्पताल, नई दिल्ली
Published on:
26 Oct 2019 02:47 pm
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