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Covid Booster Dose: कोविड वैक्सीन की चौथी डोज से इम्युनिटी में होता है जबरदस्त इजाफा, ब्रिटिश स्टडी का दावा

Booster Dose British Study: ब्रिटिश स्टडी में दावा है कि अगर कोरोना की चौथी बूस्टर डोज लग जाएं तो शरीर में जबरदस्त तरीके से इम्युनिटी बढ़ जाती है।

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Ritu Singh

May 12, 2022

कर्नाटक : टीके की आपूर्ति में कई दिन नहीं, लग सकते हैं महीने भी

4th dose of covid vaccine increases immunity tremendously, study

‘द लैंसेट इंफेक्शियस डिजीज जर्नल’ की रिपोर्ट में बताया गया है कि कोविड की वैक्सीन चौथी डोज तीसरी खुराक के मुकाबले एंटीबॉडी के स्तर को कहीं अधिक बढ़ाती है।

स्टडी में जून 2021 में फाइजर या एस्ट्राजेनेका की शुरुआती खुराक लेने के बाद 166 ऐसे लोगों को चुना गया जिन्होंने तीसरी डोज के तौर पर फाइजर का टीका लिया था। स्टडी में शामिल लोगों को तीसरी डोज के करीब 7 महीने बाद चौथी खुराक दी गई तो उनकी इम्युनिटी बहुत ज्यादा बढ़ चुकी थी।

कोरोना के बार-बार आने वाले नए वेरिएंट्स के बीच एक बड़ी राहत के रूप में सामने आई है। स्टडी बताती है कि पता चला है कि फाइजर या मॉडर्ना की कोविड-19 वैक्सीन की चौथी खुराक सुरक्षित है और तीसरी खुराक के मुकाबले एंटीबॉडी के स्तर को कहीं अधिक बढ़ाती है।

‘स्प्रिंग बूस्टर के तौर पर दी जा रही है चौथी डोज’
ब्रिटेन में बीमारी के लिहाज से बेहद संवेदनशील लोगों को कोविड-19 रोधी टीके की चौथी खुराक ‘स्प्रिंग बूस्टर’ के तौर पर दी जा रही है। इम्यूनिटी को हाई लेवल पर बनाए रखने के लिए यह एक एहतियाती रणनीति है। ‘द लैंसेट इंफेक्शियस डिजीज जर्नल’ में पब्लिश हुए नतीजे बताते हैं कि कोविड-19 के लिए चौथी डोज mRNA बूस्टर वैक्सीन उन लोगों में अच्छे नतीजे दिखाती है जिन्हें फाइजर टीका तीसरी खुराक के रूप में दिया गया था

‘चौथी बूस्टर डोज के बाद इम्यूनिटी में इजाफा हुआ’

स्टडी में पाया गया है कि एंटीबॉडी और सेल्युलर इम्युनिटी, दोनों को बेसलाइन और उससे ऊपर के स्तर तक और तीसरी बूस्टर खुराक के बाद देखे गए अधिकतम स्तर से आगे लेकर जाते हैं।

स्टडी के लिए देश भर से चुने गए थे 166 लोग
इस स्टडी में जून 2021 में फाइजर या एस्ट्राजेनेका की शुरुआती खुराक लेने के बाद 166 ऐसे लोगों को चुना गया जिन्होंने तीसरी डोज के तौर पर फाइजर का टीका लिया था। इन लोगों को बिना किसी निर्धारित क्रम के चौथी डोज के तौर पर फाइजर की पूर्ण खुराक या मॉडर्ना की आधी डोज लगवाने के लिये चुना गया। तीसरी डोज के करीब 7 महीने बाद चौथी खुराक दी गई। रिसर्चर्स ने कहा कि टीकाकरण स्थल पर दर्द और थकान सबसे आम दुष्प्रभाव थे, लेकिन टीके से संबंधित कोई गंभीर प्रतिकूल घटना नहीं थी और चौथी डोज सुरक्षित तरीके से और आराम से लग गई थी।