
Blood poisoning food : These 5 white foods can increase the risk of sepsis, stop consuming them today
ब्लड पॉइजनिंग (Blood Poisoning) या सेप्सिस (Sepsis) होने की वजह कई बार हमारे खानपान की गड़बड़ी भी होती है। सेप्टीसीमिया जानलेवा हो सकता है और कई बार ब्लड में गंदगी के कारण ही किडनी इन्फेक्शन, यूटीआई, निमोनिया या स्किन इन्फेक्शन जैसी समस्याएं होती हैं।
खून में संक्रमण का बड़ा कारण खाई गई चीजें होती हैं। ब्लड पॉइजनिंग एक गंभीर संक्रमण है और इसकी वजह होती है खानपान के जरिये जब खून में हानिकारक बैक्टिरिया पहुंचता है। हालांकि ब्लड पॉइजनिंग का मतलब ये नहीं कि खून में जहर समाहित हो जाता है, बल्कि इसका मतलब ये होता है कि खून प्योर नहीं रहता और इसके कारण कई बीमारियों का खतरा पैदा होता है। मेडिकल भाषा में इस समस्या को सेप्टीसीमिया (septicemia) या सेप्सिस (sepsis) कहा जाता है।
क्या है सेप्टीसीमिया
- सेप्टीसीमिया या सेप्सिस तब होता है जब खून में गंदगी जमा होने लगती है। ये गंदगी किडनी से लेकर लिवर और - - - - फेफड़ों तक को नुकसान पहुचाती है।
- पहचानें सेप्टीसीमिया के लक्षण
- अचानक से शरीर को ठंड लगना
- मध्यम या तेज बुखार का बने रहना
- कमजोरी-थकान के साथ लंबी सांस लेना
- दिल की धड़कन का बढ़ जाना
- त्वचा का पीलापन
- स्किन पर दाने-फोड़े-फुंसी या एलर्जी
ये 5 फूड्स हैं खून में गंदगी की वजह
व्हाइट मक्खन
व्हाइट मक्खन में फैट और सोडियम दोनों अधिक होता है। अगर इसे खाने की आदत है तो तय है कि आपका ब्लड प्योर नहीं रहेगा। हाई कोलेस्ट्रॉल की वजह ये मक्खन होता है। मक्खन खाने से लिवर भी खराब होता है। हाई सोडियम हाई बीपी और किडनी के लिए भी सही नहीं।
डेयरी प्रोडक्ट
डेयरी प्रोडक्ट में भी फैट की मात्रा बहुत अधिक होती है। फुल क्रीम मिल्क, कर्ड या पनीर सेहत के लिए नुकसानदायक होत हैं। डायबिटीज, कोलेस्ट्रॉल, किडनी और दिल की बीमारियों में इनका सेवन खतरनाक होता है।
नमक
नमक अगर ज्यादा हो तो हाई बीपी की समस्या होती है और इससे किडनी पर इफेक्ट पड़ता है और किडनी सही से फिल्टर नहीं कर पाती है और खून में गंदगी समाहित होने लगती है। नमक को शरीर में पानी बढ़ाने के लिए जाना जाता है, इससे खून की नसों पर दबाव बनता है।
डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।
Updated on:
17 Nov 2023 05:09 pm
Published on:
17 Nov 2023 05:08 pm
बड़ी खबरें
View Allस्वास्थ्य
ट्रेंडिंग
लाइफस्टाइल
