
After fasting sugar level in body
नई दिल्ली।अगर आप डायबिटीज से पीड़ित हैं और आपका इलाज चल रहा है तो ऐसे में व्रत रखने से पहले डॉक्टर से बातचीत ज़रूर करें। ऐसा इसलिए क्योंकि डॉक्टर आपकी डाइट की मात्रा के हिसाब से आपकी दवाइयों की मात्रा बदल देते हैं। खासतौर पर रमजान के महीनों में जब आप 14-15 घंटे कुछ भी नहीं खाते हैं तो इस समय ब्लड ग्लूकोज लेवल काफी कम हो जाता है। इसलिए जब इफ्तारी की जाती है तो उस समय खजूर या कुछ भी मीठा खाने की सलाह दी जाती है। ऐसे जब कभी भी आप फास्ट रखते हैं तो होता है।
शुगर लेवल अचानक बढ़ना
कई बार जब आप व्रत तोड़ते समय कुछ मीठा खाते हैं तो कुछ देर के लिए ब्लड ग्लूकोज लेवल अचानक से बढ़ जाता है। हालांकि यह बहुत ज्यादा नहीं बढ़ता है लेकिन फिर भी अगर ऐसा हो तो डॉक्टर खासतौर पर कुछ ऐसे दवाइयां देते हैं जो शाम को इफ्तारी से पहले खानी चाहिए। इन दवाइयों को खाने से ब्लड ग्लूकोज लेवल नियंत्रित रहता है। सबसे मुश्किल बात यह है कि हाइपरग्लायसेमिया के लक्षण इसके लक्षणों से काफी ज्यादा मिलते जुलते हैं जिससे कई बार मरीज को बहुत कन्फ्यूजन होने लगता है। अगर आप थका हुआ महसूस कर रहे हैं और बार बार पेशाब लग रही है तो समझ लें कि आपका ब्लड ग्लूकोज लेवल बढ़ रहा है। अगर आप इन्सुलिन लेते हैं तो रोजे खोलते समय इसे ले सकते हैं।
किसी भी जांच से पहले करें फास्ट
हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक डायबिटीज के मरीजों को फास्टिंग के दौरान (जब 8 घंटे या फिर उससे अधिक समय से कुछ न खाया हो) और खाने के दो घंटे बाद अपने ब्लड शुगर लेवल की जांच करनी चाहिए। बता दें, जांच से पहले क्या खाया है और किस समय सैंपल लिया है, यह भी ब्लड शुगर लेवल को प्रभावित करता है।
फास्टिंग के दौरान कितना होना चाहिए बल्ड शुगर लेवल
फास्टिंग के दौरान ब्लड शुगर लेवल 70-100 mg/dl के बीच होता है। लेकिन अगर फास्टिंग के दौरान रक्त शर्करा का स्तर 100-126 mg/dl के बीच हो जाए, तो उसे प्री-डायबिटीज की श्रेणी में रखा जाता है। हालांकि, अगर यह स्तर 130 mg/dl या फिर उससे अधिक हो तो यह बेहद ही खतरनाक माना जाता है।
Updated on:
05 Dec 2021 10:20 pm
Published on:
05 Dec 2021 10:19 pm
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