
Headache After Soda (photo- gemini ai)
Headache After Soda: 42 साल के एक कॉरपोरेट प्रोफेशनल को शुरुआत में कभी-कभार सिरदर्द होता था। समय के साथ यह दर्द बढ़ता गया और एक दिन ऐसा आया जब उसे रोज सिरदर्द रहने लगा। हालत इतनी खराब हो गई कि न काम पर फोकस हो पाता था और न ही ठीक से नींद आती थी। परेशान होकर वह डॉक्टर के पास पहुंचा।
जांच के दौरान पता चला कि वह प्री-डायबिटीज की स्टेज में है। अनियमित खान-पान, लंबे समय तक बैठकर काम करना और लगातार तनाव उसकी सेहत पर भारी पड़ रहा था। इसके अलावा उसे कोल्ड ड्रिंक की आदत थी और वह रोज तीन कैन कोक पीता था।
ब्लड शुगर बढ़ने के बाद उसने रेगुलर कोक छोड़कर डाइट कोक पीना शुरू कर दिया। उसे लगा कि इससे शुगर कंट्रोल में रहेगी, लेकिन यहीं से परेशानी बढ़ गई। उसने बताया कि डाइट कोक पीने के आधे घंटे के अंदर उसे तेज सिरदर्द होने लगता था।
डाइट कोक में मौजूद आर्टिफिशियल स्वीटनर एस्पार्टेम कुछ लोगों में सिरदर्द और माइग्रेन को ट्रिगर कर सकता है। जब एस्पार्टेम शरीर में टूटता है, तो यह दिमाग के केमिकल्स जैसे सेरोटोनिन और डोपामिन को प्रभावित कर सकता है, जो दर्द और मूड को कंट्रोल करते हैं। इसके अलावा एस्पार्टेम का एक बायप्रोडक्ट फॉर्मल्डिहाइड भी होता है, जो संवेदनशील लोगों में एलर्जी और सिरदर्द पैदा कर सकता है। कुछ मामलों में यह दिमाग की नसों को ज्यादा उत्तेजित कर देता है, जिससे माइग्रेन की शिकायत बढ़ सकती है।
कोक जीरो में सुक्रालोज नाम का स्वीटनर होता है। इसके सिरदर्द से सीधे जुड़े सबूत ज्यादा मजबूत नहीं हैं, लेकिन कुछ मामलों में इसे छोड़ने पर माइग्रेन में राहत मिली है। सुक्रालोज आंतों के बैक्टीरिया को प्रभावित कर सकता है, जिससे सूजन और पेट की परेशानी होती है, और यह भी सिरदर्द को बढ़ा सकती है।
डॉक्टर ने सलाह दी कि कोल्ड ड्रिंक को धीरे-धीरे कम किया जाए। उसकी जगह नींबू पानी, नारियल पानी, फल मिला पानी, आइस्ड टी या कोल्ड ब्रू जैसे हेल्दी विकल्प अपनाए जाएं। साथ ही दिनभर पर्याप्त पानी पीना जरूरी है।
मरीज को विटामिन B12 और मैग्नीशियम सप्लीमेंट लेने की सलाह दी गई। ये दोनों माइग्रेन को कम करने में मदद करते हैं और नींद की क्वालिटी भी सुधारते हैं। कुछ समय बाद मरीज के सिरदर्द में कमी आई और वह बेहतर महसूस करने लगा।
अगर आपको भी कोल्ड ड्रिंक या डाइट सोडा पीने के बाद सिरदर्द होता है, तो खाने-पीने और सिरदर्द का रिकॉर्ड रखें। इससे ट्रिगर समझने में मदद मिलती है। माइग्रेन या बार-बार सिरदर्द की स्थिति में डॉक्टर से सलाह लेना बेहद जरूरी है।
Updated on:
15 Jan 2026 12:54 pm
Published on:
15 Jan 2026 12:53 pm
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