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कहीं आप भी तो नहीं ले रहे चाय के नाम पर खतरे की चुस्की

चाय उत्पादक भारी मात्रा में कीटनाशकों Pesticides का इस्तेमाल करते मिले हैं और प्रयोगशाला 35 से 40 से अधिक यौगिकों या रसायनों का विश्लेषण करेगी। कीटनाशकों की मात्रा निर्धारित सीमा से अधिक पाई गई।

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-चाय को बदनाम कर रही खतरे की चुस्की

-चाय की ताजगी के नाम पर बिक रही खतरे की चुस्की

- पत्तियों, चूर्ण में भारी मात्रा में कीटनाशक, उर्वरक, खतरनाक रंग मिलाए जाने के मिले संकेत

- 48 नमूनों का विश्लेषण जारी

कॉटन कैंडी, गोभी मंचूरियन, कबाब, और गोलगप्पे Cotton Candy, Gobi Manchurian, Kebabs, and Golgappas के बाद अब चाय Tea के भी असुरक्षित होने के संकेत मिले हैं। जांच के लिए नमूने लेने के साथ स्वास्थ्य विभाग और भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआइ) ने आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार प्रसंस्करण के दौरान चाय की पत्तियों tea leaves और चूर्ण में भारी मात्रा में कीटनाशक और सेहत के लिए खतरनाक रंग मिलाए जाने के प्रमाण मिले हैं।

विभाग ने अभी तक उत्तर कर्नाटक के विभिन्न जिलों से 48 नमूने एकत्र किए हैं। खाद्य निरीक्षकों ने चाय की ज्यादा खपत वाले बागलकोट, बीदर, गदग, धारवाड़, हुब्बल्ली, विजयनगर, कोप्पल और बल्लारी जैसे जिलों में बड़ी मात्रा में कीटनाशकों का इस्तेमाल पाया है।

कैंसर तक हो सकता है
Food Safety and Standards Authority of India के अनुसार खाने-पीने की दुकानों में रोडामाइन-बी और कारमोइसिन Rhodamine-B and Carmoisine जैसे खाद्य रंग एजेंट के इस्तेमाल की बात पहले ही सामने आ चुकी है। कार्रवाई भी हुई है। चाय के मामले में कीटनाशक, उर्वरक और रंग Pesticides, fertilizers and Colour सेहत को खतरे में डाल सकते हैं। कैंसर तक हो सकता है।

एक खाद्य नियामक अधिकारी के अनुसार किसान तथा बाद में चाय उत्पादक प्रसंस्करण के दौरान कीटनाशकों की स्वीकार्य मात्रा से अधिक मात्रा मिलाते हैं, जो कैंसरकारी तत्वों में परिवर्तित हो जाते हैं।

कीटनाशकों की मात्रा निर्धारित सीमा से अधिक
एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि उन्हें चाय उत्पादक भारी मात्रा में कीटनाशकों Pesticides का इस्तेमाल करते मिले हैं और प्रयोगशाला 35 से 40 से अधिक यौगिकों या रसायनों का विश्लेषण करेगी। कीटनाशकों की मात्रा निर्धारित सीमा से अधिक पाई गई। इसीलिए यह अभियान चलाया जा रहा है।

कार्रवाई जल्द : स्वास्थ्य मंत्री
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री दिनेश गुंडूराव ने कहा, मामले की जांच जारी है। हम चाय उत्पादकों के खिलाफ कार्रवाई की योजना बना रहे हैं। हमारा उद्देश्य लोगों को खराब गुणवत्ता या अत्यधिक प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों का सेवन न करने के बारे में जागरूक करना और स्वस्थ भोजन को प्रोत्साहित करना है। हम चीजों को समग्र रूप से देख रहे हैं और लोगों को मिलावट के बारे में जागरूक कर रहे हैं। हमने कबाब या गोभी मंचूरियन पर प्रतिबंध नहीं लगाया है बल्कि इन खाद्य पदार्थों में इस्तेमाल होने वाले हानिकारक पदार्थों व कृत्रिम रंगों आदि पर प्रतिबंध लगाया है। यही बात चाय की पत्तियों पर भी लागू होती है।

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