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BE ALERT : कान दर्द हो तो न करें ये गलतियां

कान के बहने को कभी भी हल्के में नहीं लेना चाहिए। धूल मिट्टी, कॉस्मेटिक साजो सामान, डियोडरेंट या अन्य चीजों से एलर्जी होने पर इनके संपर्क में आने से बीमारी बढ़ जाती है। इसके अलावा हादसे या किसी अन्य तरह से कान पर या उसके आसपास चोट लगने से कान की सुनने वाली बोन में चोट लग जाती है जिससे सुनने की क्षमता कम होने के साथ मवाद आने लगता है। आप जान सकते हैं कि इससे बचने के लिए क्या सावधानियां बरतनी चाहिए!

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BE ALERT

कान को लेकर बरतें ये सावधानी
कान को साफ करने के लिए पेन, पेंसिल या चाबी का इस्तेमाल कभी न करें। इससे कान के आसपास की मांशपेशियों को नुकसान होने के साथ पर्दा फट सकता है। कान में तेल या अन्य तरह का कोई ईयर ड्रॉप बिना डॉक्टरी सलाह के न डालें इससे सिर्फ नुकसान होता है। कान में नैचुरल क्लीनिंग मैकेनिज्म होता है जिसमें काम की गंदगी अपने आप बाहर निकलती रहती है।

इन जांचों से पता चलती है बीमारी
कान संबंधी किसी तरह की परेशानी होने पर मुख्य रूप से नेजल इंडोस्कोपी कराई जाती है। इसके साथ ही सीटी स्कैन और एक्स-रे की मदद से कान की मांशपेशियों की जांच बेहतर ढंग से होती है।

डॉक्टरी सलाह ईयर ड्रॉप्स

रुई को तेल या वैस्लीन में डूबोकर उसे निचोड़ दें इसके बाद उसे कान में लगा लें। कान की गंदगी अपने आप साफ हो जाएगी। डॉक्टरी सलाह पर ईयर ड्रॉप्स का प्रयोग करने से कान का दर्द ठीक होने के साथ संक्रमण कम हो जाता है। गंभीर स्थिति में ऑपरेशन से परेशानी को ठीक किया जाता है।