अगर आप खुद के सौंदर्य औऱ शरीर को लेकर ज्यादा चिंतित हैं तो ये मानसिक बीमारी

इस मनोदशा से पीडि़त व्यक्ति तरह-तरह के कॉस्मेटिक या ब्यूटी ट्रीटमेंट करवाता रहता है। फिर भी अपनी बॉडी इमेज के प्रति संतुष्ट नहीं हो पाता।

By: विकास गुप्ता

Published: 04 Sep 2020, 10:34 PM IST

जब कोई व्यक्ति अपनी शारीरिक संरचना और सौंदर्य को लेकर जरूरत से ज्यादा सचेत रहने लगे और हर वक्त शरीर की चिंता करते हुए खुद को आईने में निहारने लगे, तो समझ जाएं कि वह बॉडी डिसमॉर्फिक डिसऑर्डर नामक मानसिक बीमारी से पीडि़त है।
लक्षण-
इस मनोदशा से पीडि़त व्यक्ति तरह-तरह के कॉस्मेटिक या ब्यूटी ट्रीटमेंट करवाता रहता है। फिर भी अपनी बॉडी इमेज के प्रति संतुष्ट नहीं हो पाता। कई बार वह नए लोगों के सामने आने से कतराता या शर्माता है। किसी की नकारात्मक, व्यंग्यात्मक टिप्पणी भी इसकी वजह बन सकती है।
आत्मविश्वास है जरूरी-
इस बीमारी के इलाज में दवाओं के साथ-साथ कोग्निटिव बिहेवियर थैरेपी काफी प्रभावी है। जिसमें मरीज की किसी शारीरिक कमी को दूर करते हुए मनोचिकित्सक उसमें आत्मविश्वास जगाता है ताकि उसमें हीन भावना खत्म हो सके। इसमें डॉक्टर मरीज की उस मानसिक बॉडी इमेज को भी दुरुस्त करते हैं जिसे वह हीन भावना से देखता है।

विकास गुप्ता
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned