
जयपुर। ऎसा माना जाता है कि मनुष्य द्वारा सबसे पहले उगाई गयी सब्जी लौकी ही थी। लौकी हमारे शरीर के कई रोगों को दूर करने में सहायक होती है। लौकी को कच्चा भी खाया जाता है, यह पेट साफ करने में भी लाभदायक साबित होती है ।
लौकी में प्रोटीन, फाइबर, मिनरल, कार्बोहाइड्रेट से भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। लौकी के बीज का तेल कोलेस्ट्रोल को कम करता है तथा ह्वदय को शक्ति देता है। यह रक्त की नाडियों को भी स्वस्थ बनाता है।
लौकी का उपयोग आंतों की कमजोरी, कब्ज, पीलिया, उच्च रक्तचाप, ह्वदय रोग, मधुमेह, शरीर में जलन या मानसिक उत्तेजना आदि में बहुत उपयोगी है। इसमें ये निम्न गुण पाए जाते हैं।
1. इसे उबाल कर कम मसालों के साथ सब्जी बनाकर खाने पर यह डायूरेटीक, सेडेटिव और पित्त को बाहर निकालने वाली दवा की तरह काम करती है।
2. ह्वदय रोग में, एक कप लौकी के रस में थोडी सी काली मिर्च और पुदीना डालकर पीने से ह्वदय रोग कुछ ही दिनों में ठीक हो जाता है।
3. इसका जूस निकालकर नींबू के रस में मिलाकर एक गिलास की मात्रा में सुबह खाली पेट पीने से यह प्राकृतिक एल्कलाएजर का काम करता है।
4. कीसी भी तरह की युरीन इन्फैक्शन को दूर करने में मदद करता है।
4. हैजा होने पर 25 एमएल लौकी के रस में आधा नींबू का रस मिलाकर धीरे-धीरे पीने से हैजा ठीक हो जाता है।
5. अगर डायरिया के मरीज को केवल लौकी का जूस हल्के नमक और चीनी के साथ मिलकर पिला दिया जाय तो यह प्राकृतिक जीवन रक्षक घोल बन जाता है।
6. लौकी में पोटैशियम प्रचुर मात्रा में मिलता है, जिसकी वजह से यह गुर्दे के रोगों में बहुत उपयोगी है।
7. लौकी का रस नीयमित पीने से पेशाब खुलकर आता है, और पेशाब की समस्या नहीं होती।
8. लौकी का रस मिर्गी और सम्बंधित बीमारियों में भी फायदेमंद है।
9. लौकी का रस पीनें से एसिडीटी, पेट की बीमारियों एवं अल्सर से आराम मिलता है।
10. एक्सपर्टस बताते हैं कि केवल पर्याप्त मात्रा में लौकी की सब्जी खानें से पुराने कब्ज को भी दूर किया जा सकता है।
सावधानी - जूस निकालने से पहले लौकी का एक छोटा टुकड़ा काटकर उसे चख लेना चाहिए। अगर वह कड़वा हो तो लौकी का किसी भी रूप में इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
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