
Endometriosis symptoms (photo- gemini ai)
Endometriosis symptoms: एंडोमेट्रियोसिस को आमतौर पर महिलाओं से जुड़ी बीमारी माना जाता है। यह एक ऐसी स्थिति है जिसमें गर्भाशय की अंदरूनी परत जैसी कोशिकाएं शरीर के अन्य हिस्सों में बढ़ने लगती हैं, जिससे दर्द और अन्य समस्याएं हो सकती हैं। लेकिन हाल के कुछ मेडिकल मामलों ने यह दिखाया है कि बहुत ही दुर्लभ परिस्थितियों में यह बीमारी पुरुषों में भी हो सकती है।
डॉक्टरों के अनुसार अब तक दुनिया भर में ऐसे 20 से भी कम मामले सामने आए हैं, जिनमें पुरुषों में एंडोमेट्रियोसिस जैसी स्थिति पाई गई। इन मामलों में गर्भाशय की परत जैसी कोशिकाएं शरीर के दूसरे हिस्सों जैसे ब्लैडर, पेट की दीवार या कमर के आसपास के हिस्सों में पाई गईं।
विशेषज्ञों का कहना है कि इसका संबंध हमारे शुरुआती भ्रूण विकास से हो सकता है। गर्भ में लगभग छह हफ्ते की अवस्था में हर इंसान के शरीर में एक संरचना बनती है जिसे मुलरियन डक्ट (Müllerian duct) कहा जाता है। महिलाओं में यही आगे चलकर प्रजनन अंगों का निर्माण करती है।
लेकिन पुरुषों में एक खास हार्मोन की वजह से यह संरचना सामान्य रूप से खत्म हो जाती है। कुछ वैज्ञानिकों का मानना है कि कभी-कभी इसके छोटे-छोटे अवशेष शरीर में रह सकते हैं। अगर बाद में शरीर में एस्ट्रोजन हार्मोन का स्तर ज्यादा हो जाए, तो ये कोशिकाएं सक्रिय होकर एंडोमेट्रियोसिस जैसी स्थिति पैदा कर सकती हैं।
डॉक्टरों के अनुसार जिन पुरुषों में लंबे समय तक एस्ट्रोजन हार्मोन का स्तर ज्यादा रहता है, उनमें इसका खतरा थोड़ा बढ़ सकता है। उदाहरण के लिए, कुछ पुरुषों को प्रोस्टेट कैंसर के इलाज के दौरान लंबे समय तक एस्ट्रोजन थेरेपी दी जाती है। इसके अलावा गंभीर लिवर की बीमारी या बहुत ज्यादा मोटापा भी शरीर में हार्मोन का संतुलन बिगाड़ सकता है, जिससे एस्ट्रोजन का स्तर बढ़ सकता है।
चूंकि पुरुषों में यह बीमारी बेहद दुर्लभ है, इसलिए डॉक्टर अक्सर इसे तुरंत पहचान नहीं पाते। लेकिन कुछ मामलों में इसके लक्षण दिखाई दे सकते हैं, जैसे:
कई बार यह बीमारी किसी और सर्जरी के दौरान संयोग से पता चलती है, जैसे हर्निया या प्रोस्टेट से जुड़ी सर्जरी में।
विशेषज्ञों का मानना है कि पुरुषों में पाए गए ये दुर्लभ मामले एंडोमेट्रियोसिस के बारे में हमारी समझ को बदल सकते हैं। पहले माना जाता था कि यह बीमारी सिर्फ मासिक धर्म से जुड़ी समस्या के कारण होती है। लेकिन पुरुषों के मामलों से यह संकेत मिलता है कि यह बीमारी हार्मोन और कोशिकाओं के जटिल बदलाव से भी जुड़ी हो सकती है। डॉक्टरों के अनुसार भविष्य में इस बीमारी पर और शोध होने से बेहतर इलाज और नई दवाएं विकसित हो सकती हैं। इससे महिलाओं के साथ-साथ दुर्लभ मामलों में पुरुषों को भी सही इलाज मिल सकेगा।
Published on:
08 Mar 2026 05:36 pm
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