8 मार्च 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Early Signs of Kidney Disease: किडनी खराब होने से पहले शरीर देता है ये 7 संकेत, लोग अक्सर कर देते हैं नजरअंदाज

Early Signs of Kidney Disease: किडनी की बीमारी अक्सर बिना लक्षण के धीरे-धीरे बढ़ती है। डॉक्टरों के मुताबिक थकान, सूजन और पेशाब में बदलाव इसके शुरुआती संकेत हो सकते हैं। जानिए CKD के कारण और बचाव के तरीके।

2 min read
Google source verification

भारत

image

Dimple Yadav

Mar 08, 2026

Early Signs of Kidney Disease

Early Signs of Kidney Disease (Photo- gemini ai)

Early Signs of Kidney Disease: किडनी हमारे शरीर के सबसे जरूरी अंगों में से एक है। यह खून को साफ करने, शरीर से गंदगी और विषैले पदार्थ बाहर निकालने, पानी का संतुलन बनाए रखने और ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में अहम भूमिका निभाती है। लेकिन समस्या यह है कि किडनी की बीमारी अक्सर धीरे-धीरे बढ़ती है और शुरुआत में इसके लक्षण साफ दिखाई नहीं देते।

डॉक्टरों के अनुसार क्रॉनिक किडनी डिजीज (CKD) को अक्सर साइलेंट बीमारी कहा जाता है, क्योंकि इसके शुरुआती संकेत बहुत हल्के होते हैं और लोग उन्हें नजरअंदाज कर देते हैं। कई मरीजों को तब पता चलता है जब बीमारी काफी आगे बढ़ चुकी होती है।

शुरुआती लक्षण अक्सर नजरअंदाज हो जाते हैं

विशेषज्ञों का कहना है कि किडनी की बीमारी के शुरुआती लक्षण बहुत सामान्य होते हैं, इसलिए लोग उन्हें किसी और कारण से जोड़ देते हैं। जैसे

  • लगातार थकान या कमजोरी महसूस होना
  • पैरों, टखनों या आंखों के आसपास सूजन आना
  • पेशाब के पैटर्न में बदलाव
  • ब्लड प्रेशर का लगातार बढ़ा रहना

कई लोग इन लक्षणों को तनाव, बढ़ती उम्र या खराब लाइफस्टाइल का असर समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन अगर ये संकेत लंबे समय तक बने रहें तो डॉक्टर से जांच करवाना जरूरी है।

डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर सबसे बड़े कारण

डॉक्टरों के अनुसार किडनी की बीमारी के सबसे बड़े कारण डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर हैं। जब लंबे समय तक ब्लड शुगर ज्यादा रहता है तो यह किडनी की छोटी-छोटी रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचाता है। इससे किडनी की फिल्टर करने की क्षमता धीरे-धीरे कम होने लगती है। इसी तरह अनियंत्रित हाई ब्लड प्रेशर भी किडनी पर ज्यादा दबाव डालता है और समय के साथ किडनी को नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए जिन लोगों को कई सालों से डायबिटीज या हाई बीपी है, उनमें किडनी की बीमारी का खतरा ज्यादा रहता है।

अन्य कारण भी बढ़ा सकते हैं जोखिम

डॉक्टरों का कहना है कि कुछ और कारण भी किडनी की बीमारी के खतरे को बढ़ा सकते हैं। इनमें शामिल हैं:

  • दर्द की दवाइयों का ज्यादा इस्तेमाल
  • पर्यावरण में मौजूद जहरीले तत्व
  • कुछ उत्पादों में मौजूद भारी धातुएं
  • धूम्रपान
  • आनुवंशिक बीमारियां जैसे पॉलीसिस्टिक किडनी डिजीज
  • ये सभी कारण धीरे-धीरे किडनी को नुकसान पहुंचा सकते हैं।

नियमित जांच क्यों जरूरी है

क्योंकि किडनी की बीमारी अक्सर बिना लक्षण के बढ़ती है, इसलिए समय-समय पर हेल्थ चेक-अप करवाना बहुत जरूरी है। साधारण ब्लड और यूरिन टेस्ट से किडनी की समस्या का शुरुआती चरण में ही पता लगाया जा सकता है। अगर बीमारी जल्दी पकड़ में आ जाए तो लाइफस्टाइल में बदलाव, दवाइयों और ब्लड शुगर व ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करके इसे काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।

बचाव ही सबसे बेहतर तरीका

डॉक्टरों का कहना है कि किडनी को स्वस्थ रखने के लिए हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाना जरूरी है। संतुलित आहार लेना, नियमित व्यायाम करना, पर्याप्त पानी पीना, ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखना और बिना जरूरत दवाइयां लेने से बचना किडनी की सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होता है। समय पर जागरूकता और जांच से किडनी की गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है। इसलिए बेहतर है कि किडनी की सेहत का ध्यान अभी से रखा जाए।