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CORONA EXPERT INTERVIEW : वो कौन सी तीन गलतियां जो अमरीका पर भारी पड़ीं

दुनिया में बेहतर स्वास्थ्य सेवा के बावजूद अमरीका में लोगों व सरकार की तीन बड़ी गलतियां रहीं जो उस पर भारी पड़ी। इनसे हमें सबक लेना होगा। अमरीका के कैलिफोर्निया में स्क्रीनिंग मॉनिटरिंग कर रहे क्लीनिकल फार्माकोलॉजिस्ट व साइकेट्रिस्ट डॉ. अनिल शर्मा से वहां के हालातों पर पत्रिका संवाददाता रमेश कुमार सिंह ने बातचीत की।

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CORONA EXPERT

अमरीका में कोरोना वायरस संक्रमितों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। वहां 20 अप्रेल 764,265 संक्रमित और 40,565 से अधिक मौतें हो चुकी हैं। हालात यह हैं कि 19 अप्रेल को सिर्फ अमरीका में 25,844 नए केस और 1561 संक्रमितों की मौत हो गई। जानिए वो तीन गलतियां जो कोरोना से मौत का कारण बनीं।
1. पहले स्क्रीनिंग के लिए कड़े मानक थे
एक सप्ताह पहले यहां बुखार, कफ वाली खांसी, बाहर की यात्रा से लौटे लोगों की ही जांच की जा रही थी। अन्य लक्षण तो 14 दिन घर में रहने की सलाह दी। जिनके सैम्पल ले रहे थे उनकी टेस्टिंग अटलांटा स्थित सीडीसी भेजते थे। रिपोर्ट 8-10 दिन में आती थी। अन्य लक्षण वाले मरीजों से संक्रमितों की संख्या तेजी से बढ़ती गई।
2. लॉकडाउन, मास्क के लिए गंभीर नहीं
कैलिफोर्निया में जहां 14 मार्च को लॉकडाउन किया वहीं न्यूयार्क व अन्य राज्यों में 28 मार्च को किया गया। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं कर रहे हैं। 40-50 लोगों को एक साथ देख सकते हैं। सड़क पर लोग बिना मास्क के निकल रहे।
3. डब्ल्यूएचओ का टेस्ट पैटर्न अस्वीकार किया
शुरुआत में जब कोरोना संक्रमण की शुरुआत में डब्ल्यूएचओ ने टेस्ट पैटर्न जारी किया जिसे सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) ने स्वीकार नहीं किया। सीडीसी ने स्वयं का टेस्ट पैटर्न जारी किया, लेकिन इसकी जांच रिपोर्ट आने में 8-10 दिन लग रहे था। इससे संक्रमितों को पहचानने में देरी हुई।

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कोरोना पर काबू पाने के लिए अब क्या कर रहा अमरीका