सीटी वैल्यू से आसान हो सकता है कोरोना वायरस का उपचार तय करना, जानें इसके बारे में

सीटी वैल्यू पर चिकित्सकों की राय अलग-अलग ।
सीटी वैल्यू 35 या कम तो कोरोना पॉजिटिव।
जांच कराने वाले ज्यादातर लोगों को सीटी वैल्यू की जानकारी नहीं है।
33-34 से ऊपर सीटी वैल्यू वाले संक्रामक नहीं हैं और उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे देनी चाहिए।

By: विकास गुप्ता

Updated: 22 Apr 2021, 01:30 PM IST

निखिल कुमार

बेंगलूरु । चिकित्सक सीटी (साइकिल थ्रेशोल्ड) वैल्यू को कोविड पॉजिटिव व्यक्ति में कोरोना संक्रमण की व्यापकता को मापने का बेहतर सूचकांक बता रहे हैं। कई चिकित्सकों का कहना है कि आरटी-पीसीआर जांच में सीटी वैल्यू (विषाणु की मात्रा) की जानकारी महत्त्वपूर्ण है। जांच कराने वाले ज्यादातर लोगों को सीटी वैल्यू की जानकारी नहीं है। जिन्हें है वे अब इसे जानने पर जोर देने लगे हैं। प्रयोगशालाओं से सीटी वैल्यू बताने की मांग करने लगे हैं।

यूरोपियन जर्नल ऑफ क्लिनिकल माइक्रोबायोलॉजी एंड इन्फेक्शंस डिजीज में हाल ही प्रकाशित एक रिपोर्ट में भी कहा गया है कि 33-34 से ऊपर सीटी वैल्यू वाले संक्रामक नहीं हैं और उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे देनी चाहिए। हालांकि कुछ विशेषज्ञ सीटी वैल्यू के आधार पर कोरोना मरीजों को छुट्टी देने के पक्ष में नहीं हैं। दिक्कत ये है कि सरकारी जांच रिपोर्ट में सीटी वैल्यू का जिक्र नहीं है जबकि कई निजी लैब अपनी रिपोर्ट में प्राथमिकता से इसका जिक्र करते हैं। दरअसल, कोविड पॉजिटिव मरीज की सीटी वैल्यू 24 से कम है तो इसका मतलब है कि उसमें वायरल लोड ज्यादा है। उससे दूसरे लोग जल्दी व तेजी से संक्रमित हो सकते हैं। सीटी वैल्यू 24 से ज्यादा है तो उस व्यक्ति से दूसरों के संक्रमित होने की आशंका कम होगी।

सीटी वैल्यू ऐसे होता है तय-
आरटी-पीसीआर टेस्ट में औसतन किसी सैंपल की जांच अधिकतम 35-39 राउंड तक होती है। जिस राउंड में वायरस की पुष्टि होती है वही उसकी सीटी वैल्यू होती है। अमरीकन एसोसिएशन फॉर क्लिनिकल केमिस्ट्री के मुताबिक, सीटी वैल्यू उस नंबर को दर्शाता है जिसमें वायरस अपने आरएनए को बढ़ाकर संक्रमण के स्तर तक ले जाता है। सीटी वैल्यू कम हो तो इसका मतलब है कि वायरल आरएनए ज्यादा होगा। आरटी-पीसीआर जांच में वायरस का डीएनए या आरएन लेकर उसमें मॉलिक्यूल की मात्रा जांची जाती है। इस टेस्ट में कई साइकिल होते हैं। हर साइकिल में डीएनए या आरएनए मॉलिक्यूल दोगुने होते जाते हैं। ये टेस्ट एम्प्लीफिकेशन टेस्ट होते हैं। सीटी वैल्यू यही बताता है कि कितने साइकिल के बाद वायरस को डिटेक्ट किया है।

सीटी वैल्यू के आधार पर ले रहे निर्णय-
छाती रोग विशेषज्ञ डॉ. रविंद्र मेहता के अनुसार बेहतर नैदानिक उपकरण विकसित होने तक सीटी वैल्यू का इस्तेमाल किया जा सकता है। सीटी वैल्यू के आधार पर कई चिकित्सक निर्णय ले रहे हैं कि संक्रमित को अस्पताल में भर्ती करने या फिर घर पर रख कर ही उपचार करने की जरूरत है।

इसके आधार पर मान सकते हैं पॉजिटिव या निगेटिव-
एक वरिष्ठ चिकित्सक ने बताया, आइसीएमआर ने भी अब सीटी वैल्यू को उपचार में सहायक माना है। इसके आधार पर लोगों को पॉजिटिव या निगेटिव माना जा सकता है। सीटी वैल्यू 35 या कम हो तो व्यक्ति को कोविड पॉजिटिव माना जा सकता है। इससे ज्यादा होने पर रिपोर्ट को निगेटिव मान सकते हैं।

0-16 सीटी वैल्यू
17-24 हाई वायरल लोड
24-35 मॉडरेट वायरल लोड
35 से ज्यादा माइल्ड वायरल लोड

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विकास गुप्ता
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