नियमित ध्यान लगाने से मिलती है भय से मुक्ति

हर समय सकारात्मक सोच रखनी चाहिए। कोरोना वायरस महामारी वाले समय को भी अच्छे सोच के साथ स्वीकार करें।

By: Hemant Pandey

Published: 07 Apr 2020, 08:47 PM IST


हर समय सकारात्मक सोच रखनी चाहिए। कोरोना वायरस महामारी वाले समय को भी अच्छे सोच के साथ स्वीकार करें। यह अच्छा मौका है परिवार के साथ रहने और खुद को समय देने के लिए। परिवार में नजदीकियां बढ़ाने के लिए परिवार का हर सदस्य एक साथ नियमित ध्यान करें। ध्यान में अच्छी बातों पर फोकस करें। अपने अंदर यह विचार लाएं कि आप भय से मुक्तहो रहे हैं।
भय से अभय की ओर
योग के रास्ते भय से अभय की ओर जाया जा सकता है। इसलिए नियमित ध्यान लगाने की आवश्यकता होती है। नियमित अभ्यास से अभय की प्रप्ति की जा सकती है। जब भी ध्यान लगाएं तो मन में यह सोचें कि आपको जिस चीज से भय लग रहा है वह आप दूर हो रहा है। ध्यान के लिए नर्म और मुलायम आसान होना चाहिए जिस पर बैठकर आराम और सुकून का अनुभव हो। बहुत देर तक बैठे रहने के बाद थकान या अकडऩ महसूस न हो। जमीन पर नर्म आसन बिछाकर दीवार के सहारे पीठ टिकाकर भी बैठ सकते हैं। बैठने में परेशानी होती है तो कुर्सी पर बैठ या खड़े होकर भी ध्यान लगा सकते हैं।
ये हैं ध्यान के फायदे
इससे मानसिक और शारीरिक दोनों तरह के लाभ मिलते हैं। मन शांत होता, तनाव घटता, ऊर्जा में वृद्धि और रिश्तों में सुधार आता है। सांसारिक कार्यों को अच्छे से काम कर पाते हैं। ध्यान-के अभ्यास से हमारी दिमागी तरंगें सामान्य होने से हल्कापन महसूस होता है। अच्छी नींद आना, ब्लड प्रेशर नियंत्रित रहता है। शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता और पाचन प्रणाली में सुधार आता है। शरीर का दर्द कम होता है। इसके साथ कुछ आध्यात्मिक लाभ भी मिलते हैं।
सावधानी : ध्यान में लगाते समय कोई तनाव नहीं हो ना चाहिए। आपकी आंखें बंद, स्थिर और शांत हों तथा ध्यान भृकुटी पर रखें। खास बात यह है कि ध्यान में सोएं नहीं बल्कि साक्षी भाव में रहें।

डॉ.प्रदीप भाटी, योग-ध्यान विशेषज्ञ, जयपुर

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