
तीसरी लहर में 12 साल के बच्चों को 'कॉकटेल एंटीबॉडी' से बचाएंगे
हाल ही स्विजरलैंड की मल्टीनेशनल हेल्थकेयर कंपनी रोशे इंडिया ने घोषणा की है कि उसे भारत की केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) की ओर से कोविड-19 (Covid-19) के उपचार के लिए परीक्षण से गुजर रही 'एंटीबॉडी कॉकटेल' (कासिरिवीमैब और इम्डेविमैब) के आपातकालीन उपयोग के अधिकार प्राप्त हुए हैं। रोशे के अनुसार इस जैविक दवा के लिए उत्पादन प्रक्रिया बहुत जटिल है। आइए जानते हैं कि रोशे की इस औषधीय 'कॉकटेल' के बारे में यूरोपीय संघ की मानव उपयोग के लिए बने औषधीय उत्पादों पर नजर रखने वाली समिति सीएचएमपी (CHMP) का क्या कहना है।
01. वायरस को कोशिकाओं से जुड़ने से रोकता है
कोरोना के इलाज के लिए 'एंटीबॉडी कॉकटेल' के रूप में उपयोग होने वाली कासिरिवीमैब और इम्डेविमैब मोनोक्लोनल एंटीबॉडी (Monoclonal Antibody) हैं जो विशेष रूप सार्स-सीओवी-2 (SARS-COV-2) के स्पाइक प्रोटीन पर हमला करने के लिए बनाए गए हैं। यह मानव कोशिकाओं से वायरस को चिपकने या जुड़ने से रोकते हैं। इन दोनों का उपयोग कुछ प्रकार की कैंसर कोशिकाओं के उपचार में भी होता है।
02. भरोसमंद सिप्ला करेगी वितरण
एंटीबॉडी कॉकटेल को भारत में भरोसेमन्द फार्मास्यूटिकल कंपनी सिप्ला द्वारा बनाया और वितरित किया जाएगा। इसे अधिकांश अस्पतालों और कोविड-19 केंद्रों में उपलब्ध कराया जाएगा।
03. 12 वर्ष तक के बच्चों के लिए कारगर
एंटीबॉडी कॉकटेल को हल्के से मध्यम कोरोना संक्रमण वाले वयस्कों और बच्चों (12 वर्ष या अधिक आयु, कम से कम 40 किलोग्राम वजन) के इलाज के लिए उपयोग किया जाता है।
04. तीसरे चरण में मृत्यु दर 70 प्रतिशत घटी
लगभग एक महीने पहले, रोशे ने इस कॉकटेल की मदद से अस्पताल में भर्ती होने वाले रोगियों में कमी लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। साथ ही वैविक परीक्षण के तीसरे चरण के दौरान कोरोना संक्रमण से होने वाली मृत्यु दर भी 70 प्रतिशत तक कम करने में सफलता पाई थी।
05. 600 मिग्रा खुराक को मंजूरी
एंटीबॉडी कॉकटेल 1200 मिलीग्राम (कासिरिवीमैब और इम्डेविमैब की 600 मिलीग्राम खुराक) की संयुक्त खुराक को मंजूरी दी गई है। इसके अलावा कॉकटेल को 2 डिग्री सेल्सियससे 8 डिग्री सेल्सियस तक स्टोर करना होगा।
Published on:
11 May 2021 01:11 pm
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