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Roll on Side Effects: गर्मियों में धड़ल्ले से लगा रहे हैं डियो और रोल-ऑन? डर्मेटोलॉजिस्ट से जानिए अंडरआर्म्स ब्लॉक होना स्किन के लिए है कितना नुकसानदेह

Underarm Damage from Deodorant: क्या आप भी पसीना रोकने के लिए धड़ल्ले से एंटीपर्सपिरेंट या रोल-ऑन लगाते हैं? एसएमएस अस्पताल, जयपुर के चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. पुनीत अग्रवाल से जानिए अंडरआर्म्स ब्लॉक करने के गंभीर नुकसान।

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भारत

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Dimple Yadav

May 29, 2026

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डियो लगाते हुए लड़की की प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo- freepik)

Deodorant Side Effects: गर्मियों का पारा चढ़ते ही पसीने और बदबू से बचने के लिए डियोडरेंट (Deodorant) और रोल-ऑन (Roll-on) हमारा डेली सर्वाइवल टूल बन जाते हैं। बाजार में बिकने वाले कई प्रोडक्ट्स 24 से 48 घंटे तक पसीना रोकने' का दावा करते हैं, और हम भी बिना सोचे-समझे इन्हें धड़ल्ले से अंडरआर्म्स पर रोल करने लगते हैं।

लेकिन क्या पसीने को इस तरह जबरदस्ती रोकना पूरी तरह सेफ है? एसएमएस अस्पताल, जयपुर के चर्म रोग विभाग के सह आचार्य डॉ. पुनीत अग्रवाल के मुताबिक, पसीना रोकना शरीर के नेचुरल कूलिंग सिस्टम और स्किन हेल्थ के साथ खिलवाड़ करने जैसा है। आइए सीधे एक्सपर्ट से समझते हैं अंडरआर्म्स ब्लॉक करने के साइड इफेक्ट्स।

डियो और एंटीपर्सपिरेंट का अंतर

डॉ. पुनीत अग्रवाल बताते हैं कि सबसे पहले हमें दो अलग-अलग प्रोडक्ट्स का अंतर समझना होगा। नॉर्मल डियोडरेंट सिर्फ पसीने की बदबू को छुपाते हैं, लेकिन जो रोल-ऑन या स्प्रे पसीना आने से रोकते हैं, उन्हें एंटीपर्सपिरेंट (Antiperspirant) कहा जाता है। इन एंटीपर्सपिरेंट और रोल-ऑन में एल्युमिनियम कंपाउंड्स (Aluminum Compounds) और जिरकोनियम जैसे एक्टिव इंग्रीडिएंट्स का इस्तेमाल होता है। जब आप इन्हें अंडरआर्म्स पर लगाते हैं, तो ये पसीना निकालने वाली ग्रंथियों (Sweat Glands) के मुंह पर जाकर एक अस्थाई प्लग या जेल की परत बना देते हैं। नतीजा यह होता है कि पसीना बाहर नहीं आ पाता और स्किन सूखी रहती है।

अंडरआर्म्स ब्लॉक करने के 4 बड़े साइड इफेक्ट्स

शरीर से पसीना निकलना एक बेहद जरूरी टॉक्सिक क्लींजिंग और टेम्परेचर रेगुलेशन प्रोसेस है। जब आप केमिकल की मदद से इसे ब्लॉक करते हैं, तो त्वचा को ये गंभीर नुकसान उठाने पड़ते हैं:

हाइड्राडेनाइटिस सप्युरेटिवा (Sweat Gland Blockage): पसीना ग्रंधि ब्लॉक होने से पसीना अंदर ही जमा होने लगता है। इससे अंडरआर्म्स में दर्दनाक गांठें, मवाद वाले मुंहासे या सिस्ट बनने लगते हैं।

काले अंडरआर्म्स (Acanthosis Nigricans / Hyperpigmentation): रोल-ऑन और डियो में मौजूद एल्युमिनियम, अल्कोहल और आर्टिफिशियल खुशबू (Parfums) त्वचा में लगातार केमिकल इरिटेशन पैदा करते हैं। इस क्रोनिक इन्फ्लेमेशन के कारण अंडरआर्म्स की त्वचा धीरे-धीरे काली पड़ने लगती है।

गंभीर स्किन एलर्जी और डर्मेटाइटिस: इनमें इस्तेमाल होने वाले प्रिजर्वेटिव्स जैसे पैराबेन्स (Parabens) और प्रोपलीन ग्लाइकोल संवेदनशील त्वचा पर लाल चकत्ते, तेज खुजली और जलन (Contact Dermatitis) का कारण बनते हैं।

नेचुरल डिटॉक्स का रुकना: हालांकि अंडरआर्म्स से बहुत कम मात्रा में टॉक्सिन्स निकलते हैं, लेकिन वहाँ के पोर्स (Pores) को पूरी तरह ब्लॉक कर देने से त्वचा की सांस लेने की क्षमता प्रभावित होती है।

डॉक्टर की सलाह: कैसे रहें सेफ?

गर्मियों में हाइजीन भी जरूरी है और सेहत भी। डॉ. पुनीत अग्रवाल इसके लिए कुछ बेहद आसान और सुरक्षित विकल्प सुझाते हैं। लेबल चेक करें। ऐसे डियो या रोल-ऑन चुनें जो एल्युमिनियम-मुक्त और पैराबेन-मुक्त हों। फिटकरी (Alum) एक बेहतरीन नेचुरल एंटी-बैक्टीरियल एजेंट है। नहाने के बाद गीले अंडरआर्म्स पर हल्की फिटकरी रगड़ने से बिना पोर्स ब्लॉक हुए बदबू गायब हो जाती है। आप केमिकल रोल-ऑन की जगह टी-ट्री ऑयल की कुछ बूंदें पानी में मिलाकर इस्तेमाल कर सकते हैं, जो बैक्टीरिया को खत्म करता है।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

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