
शोधकर्ताओं का कहना है कि प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं को पपीते का सेवन करने से बचना चाहिए।
नए शोध में कहा गया है कि प्रेग्नेंसी के दौरान कच्चा पपीता खाना नुकसानदायक हो सकता है, क्योंकि पपीते के लिसलिसे पदार्थ में पेप्सिन पाया जाता है।
ब्रिटिश जरनल ऑफ न्यूट्रिशन के अनुसार प्रेग्नेंसी में पपीते का सेवन करने से मिसकैरेज की आशंका अधिक
रहती है।
क्या प्रेग्नेंसी में पपीता खाना खतरनाक है? इस पर कई रिसर्च आ चुके हैं। कई डॉक्टरों का मानना है कि गर्भावस्था के दौरान पका हुआ पपीता खाना सेफ है। इसको खाने से पाचन तंत्र भी अच्छे से कार्य करता है। ब्रिटिश जरनल ऑफ न्यूट्रिशन के अनुसार कच्चा पपीता खाना नुकसानदायक हो सकता है, क्योंकि पपीते के लिसलिसे पदार्थ में पेप्सिन पाया जाता है, जो कि यूट्रस में संकुचन पैदा करता है, जिससे मिसकैरेज की आशंका रहती है। इसमें मौजूद लेटेक्स से भी कई महिलाओं को एलर्जी होती है।
कुछ लोगों का मानना है कि प्रेग्नेंसी के दौरान पपीता खाने से मितली और सुबह की सुस्ती में आराम मिलता है, लेकिन पपीता पका होना चाहिए। कच्चा या अधपका पपीता प्रेग्नेंसी के दौरान वर्जित माना गया है। ऎसे में इसको खाने से पहले किसी डॉक्टर की सलाह जरूर लें। पपीते को हमेशा सामान्य तापमान पर ही रखें। फ्रिज में रखने से पहले ब्राउन पेपर में इसे लपेट दें, ताकि यह फ्रेश ही रहे।
Published on:
16 Jan 2015 12:12 pm
बड़ी खबरें
View Allस्वास्थ्य
ट्रेंडिंग
लाइफस्टाइल
