
खाली पेट या दही के साथ फल खाने से भी आती खट्टी डकारें
सवाल-काफी समय से खट्टी डकार के कारण परेशान हूं। दवा लेने से भी आराम नहीं है। आयुर्वेद में कोई इलाज बताइए? अनेक पाठक
जवाब-इसे अम्ल पित्त कहते हैं। नींद की कमी, खानपान में गड़बड़ी या अधिक तनाव से यह परेशानी होती है। जो खाली पेट या नियमित दही के साथ (पहले-बाद में) फल खाते हैं उनको भी यह परेशानी हो जाती है। आयुर्वेद में इससे बचाव के लिए लंघन क्रिया करते हैं। इसमें मरीज को कुछ समय के लिए लिक्विड डाइट पर रखते हैं। पाचन वाली चीजें जैसे छाछ-जीरा, काला नमक अधिक देते हैं। विरुद्ध आहार से भी ऐसी परेशानी होती है। घी-शहद एक साथ नहीं खाएं। इससे भी समस्या हो सकती है।
सवाल-मेरी उम्र 35 वर्ष है। वैसे तो कोई परेशानी नहीं है, लेकिन कई बार हड्डियों के जोड़ों में आवाज आती है? एक पाठक
जवाब-अगर हड्डियों में दर्द, सूजन या चलने में दिक्कत नहीं है तो इस तरह की आवाज आने से नुकसान नहीं है। लेकिन कोई समस्या है तो डॉक्टर को दिखाएं। साथ ही खट्टी, मैदा-बेसन वाली और ठंडी चीजों से दूर रहे। अगर दर्द ज्यादा हो रहा है तो गर्म सेक भी कर सकते हैं। डॉक्टरी सलाह से कैल्शियम- विटामिन डी का सप्लीमेंट ले सकते हैं। हो सके तो रोज जोड़ों की किसी तेल से हल्की मालिश करें। जोड़ों के लिए कुछ व्यायाम भी करें।
डॉ. पीयूष त्रिवेदी एवं डॉ. के.वी. नरसिम्हा राजू, आयुर्वेद विशेषज्ञ
Published on:
24 Sept 2020 08:07 pm
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