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मलेरिया से बचने के लिए यह करें उपाय, साफ-सफाई का भी रखें ध्यान

मलेरिया से बचने के लिए यह करें उपाय, साफ-सफाई का भी रखें ध्यान

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मादा एनोफिलीज नामक मच्छर के काटने से मलेरिया नामक बीमारी होती है। मलेरिया की समय रहते जांच होने पर निर्धारित डोज लेने पर मलेरिया से निजात मिल जाती है। मलेरिया के कारण ठंड लगकर बुखार आती है । आज हम आपको इससे बचने के तरीके भी बताएंगे।

आपको बता दें 25 अप्रैल को विश्व मलेरिया दिवस के रूप में मनाया जाता है। वैसे तो मलेरिया के अधिकतर केस बारिश के मौसम में आते हैं। क्योंकि इस मौसम में जगह-जगह जलभराव, गंदगी आदि के कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ जाता है और इस दौरान मादा एनोफिलीज मच्छर के काटने से मलेरिया की समस्या होती है।

मलेरिया होने पर आपको कुछ लक्षण नजर आएंगे। इन लक्षणों के आधार पर आप मलेरिया की जांच करवाकर उपचार ले सकते हैं। अगर आपको मलेरिया है तो आपको ठंड लगकर बुखार आएगी। बुखार के साथ सिर दर्द और उल्टी भी हो सकती है। बुखार कम होने पर तेज पसीना आएगा और थकान भी होगी। कुछ लोगों को डायरिया भी होता है। सांस लेने में तकलीफ होती है, गहरी सांस लेने में परेशानी आती है। इसलिए जैसे ही आपको मलेरिया के लक्षण नजर आए। आप तुरंत इसकी जांच कराएं और उपचार ले।

मलेरिया से बचने के लिए सावधानी बहुत जरूरी है। अगर आप अपने आसपास का क्षेत्र साफ सुथरा रखेंगे तो मलेरिया का प्रकोप आपको छू भी नहीं पाएगा।मलेरिया के मच्छर लंबे समय से जमा पानी में पनपते हैं । इसलिए आप अपने आसपास पानी का जमाव नहीं होने दे। जमे हुए पानी को निकालने की कोशिश करें।घर में टूटे गमले, टायर कूलर आदि में अगर पानी भरा हुआ है तो उसे हटा दें। लेवेंडर तेल को साइट्रोनला और नीलगिरी के तेलों के साथ मिलाकर स्प्रे करें। इसके लिक्विड को रिफिल में डालकर भी इस्तेमाल कर सकते हैं। नीम की पत्तियों का धुआ करें। इससे मच्छर भाग जाएंगे और मर जाएंगे। लहसुन की गंध मच्छर सहन करने में सक्षम नहीं होते हैं। इसलिए लहसुन की कुछ कलियां पानी में उबालें और इसे अपने घर के चारों ओर स्प्रे कर दें। मच्छरों से बचने के लिए कपूर की टिकिया को जलाकर कमरे के कोने में रख दें। इससे मच्छरों के प्रकोप से बच जाएंगे। आप जब अधिक मच्छर हो तो मच्छरदानी में सोए।

इस प्रकार आप अगर मच्छरों के काटने से बच जाएंगे तो निश्चित ही मलेरिया की समस्या नहीं होगी।