
क्या आप जानते हैं कि आपके बच्चे का वजन क्यों बढ़ रहा है?
बच्चों में मोटापा तेजी से बढ़ रहा है। गलत खानपान और आउटडोर खेल गतिविधियां कम होने से शहरों के बच्चों का वजन तेजी से बढ़ रहा है। किशोरों में 25 फीसदी मोटापे की वृद्धि हुई है। वजन का पैमाना बीएमआइ (बॉडी मास इंडेक्स) यानी शरीर का वजन और लंबाई का अनुपात होता है। बीएमआइ जानने के लिए पहले वजन व लंबाई मापें। बीएमआइ = वजन (किग्रा.)/ऊंचाई गुणा ऊंचाई (मीटर में)। बच्चों में अनियंत्रित ढंग से बढ़ता वजन अमरीका में भी बड़ी समस्या बन गया है। वहां के डॉक्टरों ने तो इसे महामारी के रूप में लेने की चेतावनी तक दे डाली है।
इन चार कारणों से बढ़ता है वजन
खाने की गलत आदतें : बच्चों की खाने की गलत आदतों से मोटापा बढ़ता है। भूख लगने से पहले खाना, स्नैक्स, जंकफूड, फास्टफूड, अधिक मीठा खाने से तेजी से वजन बढ़ता है।
निष्क्रिय जीवनशैली : अक्सर बच्चे नियमित शारीरिक गतिविधियां नहीं करते हैं। वीडियो गेम, टीवी, मोबाइल देखते हैं। कैलोरी खर्च नहीं हो पाती है। 90 फीसदी मोटापा गलत खानपान से होता है।
आनुवांशिक : आनुवांशिक कारणों से भी मोटापा बढ़ता है, हालांकि यह 3 से 5 प्रतिशत बच्चों में ही होता है। यदि माता-पिता मोटापे से ग्रस्त हैं तो बच्चे में भी मोटापे की आशंका बढ़ जाती है।
बीमारी : किसी बीमारी के लंबे समय तक इलाज के दौरान एंटीबॉयटिक्स दवाएं वजन बढ़ा सकती हैं। 7-10 प्रतिशत बच्चों में इस वजह से मोटापा बढ़ता है।
प्रतिवर्ष दो किलोग्राम वजन बढऩा जरूरी
एक औसत स्वस्थ बच्चे का वजन, उसकी &-7 वर्ष तक की आयु तक प्रति वर्ष दो किलोग्राम की दर से बढऩा चाहिए। उसके बाद वयस्क होने तक उसका वजन प्रति वर्ष तीन किलोग्राम की प्रतिवर्ष बढऩा चाहिए।
80 प्रतिशत बच्चों में चॉकलेट, पिज्जा खाने का क्रेज
11 से 20 वर्ष की आयु के 80प्रतिशत बच्चे कैंडी, चॉकलेट, पिज्जा, फ्रेंच फ्राइज, मीठी चीजें खाते हैं। इस आयु में बच्चों का वजन भी तेजी से बढ़ता है।
वजन बढऩे से ये दिक्कतें
फैटी लिवर, खरांटे, डायबिटीज, हाइपरटेंशन, उच्च रक्तचाप, पीसीओडी, त्वचा संबंधी दिक्कतें हो सकती हैं। ऐसे बच्चों में आत्मविश्वास में कमी, तनाव व डिप्रेशन की समस्या होती है।
- डॉ. राकेश मिश्रा, वरिष्ठ शिशु रोग विशेषज्ञ, गांधी मेडिकल कॉलेज, भोपाल
Published on:
20 Jan 2019 08:30 pm
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