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Disease from pets Dogs: कुत्ते-बिल्ली के जरिए भी फैलती है फेफड़े, लिवर और हृदय की बीमारियां, डॉग लवर रखें इन बातों का ख्याल

Pet-Borne Diseases In Humans: अगर आपके पास भी पालतू कुत्ता या बिल्ली है तो आपको लिवर, फेफड़े, मस्तिष्क और हृदय से संबंधित बीमारियों का खतरा हो सकता है।

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Ritu Singh

Apr 24, 2022

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Lungs, liver and heart diseases spread through Pets

पेट लवर्स के लिए ये खबर बहुत मायने रखती है, क्योंकि इस खबर में आपको बताने जा रहे हैं कि कुत्ते या बिल्ली से किन बीमारियों का खतरा रहता है और इनसे बचने के लिए क्या सवधानियां रखनी चाहिए।

आपके घर में कुत्ता या बिल्ली है तो आपको कुछ खास सतर्क रहने की जरूरत होगी, क्योंकि इन पेट्स के जरिये बैक्टिरियल, वायरल इंफेक्शन के साथ ही लिवर, फेफड़े, मस्तिष्क और हृदय से संबंधित बीमारियों का जोखिम ज्यादा होता है। चलिए जानें, किन बीमारियों का वाहक होते हैं ये पालतू जानवर।

पालतू जानवर से इंसान में फैलने वाली बीमारियां- diseases transmitted from pets to humans

हुकवर्म (Hookworm)
इस बीमारी के परजीवी संक्रमित कुत्ते या बिल्ली की आंतों में मौजूद होते हैं। पेट्स की साफ-सफाई के दौरान ये इंसानों में फैल सकते हैं। हुकवॉर्म स्किन में तेज दर्द के साथ खुजली पैदा करने का काम करते हैं और ये बीमारी अगर बढ़ जाए तो आंतों में पहुंच जाती है और इससे आतों के अंदर ब्लीडिंग, सूजन और पेट दर्द, दिल से जुड़ी बीमारियाें जैसी समस्याएं हो सकती हैं। एंटीपैरासाइट दवाओं से ये संक्रमण दूर किया जा सकता है।

रैबीज़ (Rabies)

अमूमन लोग पेटस् को एंटी रैबीज इंजेक्शन लगवाते हैं , लेकिन अगर आप स्ट्रे डॉग लवर है तो आपको उनसे रैबीज का खतरा हो सकता है। ये सबसे खतरनाक बीमारियों में से एक है जो रैबीज वायरस से फैलती है। डॉग या कैट के नाखून, दांत आदि से इंसान में आ सकती है। रैबीज से मतिभ्रम, बेहोशी या पैरालिसिस या जान भी जा सकती है।

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टोक्सोप्लाज्मोसिस (Toxoplasmosis)
क्सोप्लाजमोसिस दूषित पानी, पालतू बिल्ली के अपशिष्ट या अधपके खाने, खासकर मांसाहारी खाने से होने वाला संक्रमण है। ये मस्तिष्क के भीतर सुप्तावस्था में रहते हैं और कई तरह की समस्याओं का कारण बनते हैं। गर्भवती महिला में इसके गंभीर असर हो सकते हैं। जोड़ों में दर्द, बुखार, सर्दी-खांसी और सांस लेने में समस्या जैसी दिक्कते इस बीमारी का संकेत होती हैं। मर्ज बढ़ने पर मरीज बात-बात पर गुस्साहा, मारने या खुदकुशी भी कर सकता है।

एस्चेरिचिया कोलाई (Escherichia coli)
ये एक खतरनाक बीमारी है, जो E. coli नामक बैक्टीरिया से होती है। पेट्स के कच्चा या अधपका मांस या खाने से होता है। ये बैक्टीरिया इंसानी शरीर तक पहुंच सकता है और पेट में दर्द, डायरिया, बुखार, शरीर में ऐंठन और उल्टी जैसे लक्षण पैदा करता है।

रिंगवर्म (Ringworm)
कुत्तों से फैलने वाले इस संक्रमण को zoonotic skin infection कहते हैं। कुत्तों के साथ सोने-बैठने वाले लोगों और ज्यादा गर्म घरों में रहने वालों में त्वचा का ये संक्रमण दिखता है। ये फंगस की बीमारी है जिसके लक्षण हैं, त्वचा पर चकत्ते, दाने और लगातार खुजली होना. कुत्तों में शरीर में जगह-जगह बाल झड़ना और लगातार खुजली ऐसे लक्षण हैं, जिनसे पहचाना जा सकता है कि आपका कुत्ता बीमार है और आपको इसे बीमारी से खुद को बचाने की भी जरूरत है।

कैच स्क्रैच डिजीज- (Catch scratch disease)
ये एक तरह का बैक्टीरियल इंफेक्शन है जो बिल्लियों की खरोंच से होता है। छोटे बच्चों, प्रेगनेंट महिला या बुजुर्गों या पहले से ही बीमार लोगों के लिए पालतू बिल्ली की मामूली खरोंच भी इंफेक्शन दे सकती है। लिंफ नोड्स, बुखार और लगातार थकान ये इस बीमारी के लक्षण हैं।

पेट्स के बालों से परेशानी-Pets Hair

पेट्स के बाल अस्थमा, फेफड़े और दिल की बामारियों का खतरा पैदा कर सकते हैं। एलर्जी की दिक्कत भी इनके बालों से हो सकती हैं।

कुत्ते-बिल्ली पाल रहे हैं तो रखें इन बातों का ध्यान

इन बातों का ख्याल रखकर आप खुद को और अपने पेट्स को भी सुरक्षित रख सकते हैं।

डिस्क्लेमर- आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए दिए गए हैं और इसे आजमाने से पहले किसी पेशेवर चिकित्सक सलाह जरूर लें। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने, एक्सरसाइज करने या डाइट में बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।