
Drowsiness detection earbuds : दुनिया भर में सड़क दुर्घटनाओं का एक प्रमुख कारण है नींद की कमी (Lack of sleep) के चलते ड्राइविंग करना। लेकिन अब इंजीनियरों ने इस समस्या का हल खोज निकाला है। कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय, बर्कले के इंजीनियरों ने ऐसे ईयरबड्स तैयार किए हैं जो ड्राइविंग के दौरान नींद आने के संकेतों को पहचान सकते हैं।
ये ईयरबड्स (Earbuds) दरअसल एक इलेक्ट्रोएन्सेफालोग्राम (EEG) की तरह काम करते हैं। इनमें लगे इलेक्ट्रोड कान के नाले के संपर्क में आकर मस्तिष्क की तरंगों को मापते हैं। हालांकि, इनसे मिलने वाले इलेक्ट्रिकल सिग्नल पारंपरिक EEG की तुलना में कमज़ोर होते हैं, फिर भी ये नींद आने पर बढ़ने वाली अल्फा तरंगों को पकड़ने में सक्षम हैं।
इन ईयरबड्स (Earbuds) को विभिन्न आकार के कानों के लिए ढालना एक बड़ी चुनौती थी। जहां अन्य कंपनियां जेल या कस्टम-मोल्डेड ईयरपीस का इस्तेमाल करती हैं, वहीं मुल्लर की टीम ने एक ऐसा ड्राई और यूजर-फ्रेंडली मॉडल बनाने पर ध्यान केंद्रित किया जिसे कोई भी आसानी से इस्तेमाल कर सके।
शोधकर्ताओं ने एक प्रयोग किया जिसमें नौ स्वयंसेवकों ने इन ईयरबड्स (Earbuds) पहनकर एक अंधेरे कमरे में काम किया। इस दौरान उनकी नींद की स्थिति और प्रतिक्रिया समय को मापा गया। नतीजों से पता चला कि ये ईयरबड्स नींद आने के संकेतों को काफी सटीकता से पहचान सकते हैं।
शोधकर्ता अब इन ईयरबड्स (Drowsiness detection earbuds) की क्षमताओं का विस्तार करने पर काम कर रहे हैं। इनका उपयोग दिल की धड़कन, आंखों की गतिविधियों और जबड़े की मांसपेशियों की हलचल को रिकॉर्ड करने के लिए भी किया जा सकता है।
यह तकनीक न सिर्फ ड्राइविंग के दौरान बल्कि अन्य क्षेत्रों में भी काफी उपयोगी साबित हो सकती है।
इस नए आविष्कार से उम्मीद है कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी और लोगों की जान बचाई जा सकेगी।
Published on:
07 Aug 2024 05:16 pm
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