13 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

सर्दियों में खाएं रोजाना एक कटोरी दही, चुस्त रहेगी सेहत

Eat curd daily in winter: अक्सर आपने घर के बड़ों से सुना होगा कि सर्दियों में दही का सेवन नहीं करना चाहिए, इससे सर्दी हो सकती है। जबकि दूसरी ओर हेल्थ एक्सपट्र्स की मानें तो सर्दियों भी दही खाना चाहिए। इससे सेहत चुस्त रहती है और स्वास्थ्य संबंधी कई फायदे होते हैं।

2 min read
Google source verification

जयपुर

image

Jaya Sharma

Nov 27, 2023

पूरी तरह से जमे हुए दही का ही सेवन करें और जहां तक हो सके दिन के समय ही इसे खाएं

सर्दियों में खाएं रोजाना एक कटोरी दही, चुस्त रहेगी सेहत

गर्मियों में दही—छाछ का सेवन तो नियमित किया जाता है, लेकिन सर्दियों में इसके सेवन से लोग बचते हैं। जबकि सर्दियों में भी दही खाना चाहिए, हालांकि सीधे फ्रीज से निकालकर दही न खाएं। इसे नॉर्मल ट्रेम्प्रेचर पर रखें। सर्दियों में दही जमने में भी ज्यादा टाइम लेता है, इस स्थिति में पूरी तरह से जमे हुए दही का ही सेवन करें और जहां तक हो सके दिन के समय ही इसे खाएं। आइए जानते हैं दही के फायदें।

सुधरती है हड्डियों की सेहत
दही कैल्शियम से भरपूर होता है, हर रोज एक कटोरी दही का सेवन हड्डियों के लिए काफी लाभदायक माना जाता है। सर्दियों में दिन के समय यदि प्रतिदिन दही खाया जाएं तो इससें जोड़ों के दर्द में भी काफी हद तक राहत मिलती है।

स्किन के लिए लाभदायक
दही स्किन के लिए भी बेहद लाभदायक रहता है। एक कटोरी दही रोजाना खाने से चेहरे की स्किन में सुधार आता है। मुहांसे व दाग धब्बे दूर हो जाते हैं। आप दही को बालों और चेहरे पर भी लगा सकते हैं।

नींद की क्वालिटी में सुधार
यदि आपको अनिद्रा की समस्या है, तो भी आप दही का सेवन कर सकते हैं। इससे नींद की क्वालिटी सुधरती है और अच्छी नींद का अनुभव होता है। खासकर सर्दियों में आप दिन के समय ही दही का उपयोग करें।

फाइबर की मात्रा अधिक
दही में फइबर भी अधिक मात्रा में होता है, इससे आपका वजन कम होता है। दही को डाइट में शामिल करने से पेट संबंधित समस्या भी दूर हो सकती है।

डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।