
वैक्सीनेशन में लगातार आगे बढ़ रहा सीकर
नई दिल्ली। कोरोना वायरस महामारी के बाद बेहद तेजी से रिकॉर्ड वक्त में बनाई गईं कोविड वैक्सीन को लेकर अक्सर नई-नई जानकारियां सामने आती रही हैं। अब विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी डब्ल्यूएचओ के विशेषज्ञों ने इस बात की सिफारिश की है कि ऐसे व्यक्ति जिनका प्रतिरक्षा तंत्र यानी इम्यून सिस्टम कमजोर है, उन्हें कोरोना वैक्सीन की अतिरिक्त डोज दी जाएं।
ताजा जानकारी के मुताबिक, विश्व स्वास्थ्य संगठन के वैक्सीन सलाहकारों ने सोमवार को सिफारिश की कि कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले लोगों को कोविड-19 के सभी अधिकृत टीकों की एक अतिरिक्त खुराक लगाई जानी चाहिए।
संयुक्त राष्ट्र की स्वास्थ्य एजेंसी के स्ट्रेटेजिक एडवाइजरी ग्रुप ऑफ एक्सपर्ट्स ऑन इम्यूनाइजेशन (SAGE) ने यह भी कहा कि 60 वर्ष से अधिक आयु के ऐसे सभी बुजुर्ग जिन्हें चीन की सिनोवैक और सिनोफार्म वैक्सीन से पूरी तरह से प्रतिरक्षित किया गया है, उन्हें तीसरी कोविड-19 वैक्सीन की अतिरिक्त खुराक दी जानी चाहिए।
विशेषज्ञों ने जोर देकर कहा कि वे बड़े पैमाने पर आबादी के लिए एक अतिरिक्त तथाकथित बूस्टर खुराक की सिफारिश नहीं कर रहे हैं। कई कोविड-19 टीकों को महामारी के दौरान आपातकालीन उपयोग के लिए डब्ल्यूएचओ की मंजूरी दी गई है। इनमें फाइजर-बायोएनटेक, जैनसेन, मॉडर्ना, सिनोफार्म, सिनोवैक और एस्ट्राजेनेका शामिल हैं।
हालांकि, अभी विशेषज्ञ यह तय करने की कगार पर है कि भारत की भारत बायोटेक वैक्सीन को आपातकालीन इस्तेमाल सूची में जगह दी जाए या नहीं।
SAGE ने पिछले सप्ताह चार दिवसीय बैठक की जिसमें कोविड-19 और अन्य बीमारियों के लिए टीकों की एक श्रृंखला पर नवीनतम जानकारी और डेटा की समीक्षा की गई।
ग्रुप ने कहा, "SAGE ने सिफारिश की कि मध्यम और गंभीर रूप से प्रतिरक्षित व्यक्तियों को प्राथमिक श्रृंखला (यानी कोरोना का पूर्ण टीकाकरण) के एक अतिरिक्त हिस्से के रूप में सभी डब्ल्यूएचओ ईयूएल (आपातकालीन उपयोग सूची) कोविड-19 टीकों की एक अतिरिक्त खुराक की पेशकश की जानी चाहिए।"
समूह ने आगे बताया, "ऐसे व्यक्तियों में मानक प्राथमिक वैक्सीन श्रृंखला के बाद इस नए टीकाकरण के लिए पर्याप्त रूप से प्रतिक्रिया करने की संभावना कम है और ये गंभीर कोविड-19 बीमारी के उच्च जोखिम में हैं।"
इसने यह भी कहा कि सिनोवैक और सिनोफार्म टीके से पूरी तरह से प्रतिरक्षित लोगों के लिए, उसी जैब की एक अतिरिक्त तीसरी खुराक "60 वर्ष और उससे अधिक आयु के व्यक्तियों को दी जानी चाहिए"। "वैक्सीन की आपूर्ति और उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए एक अलग वैक्सीन पर भी विचार किया जा सकता है"।
SAGE ने कहा कि इस सिफारिश को लागू करते समय, देशों को शुरू में उस आबादी में दो-खुराक कवरेज को अधिकतम करने का लक्ष्य रखना चाहिए, और उसके बाद सबसे ज्यादा आयु समूह वाले लोगों को तीसरी खुराक लगानी चाहिए।
Updated on:
11 Oct 2021, 9:52 PM IST
Published on:
11 Oct 2021, 9:46 PM IST
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