
बच्चों में आंखों का कैंसर (फाइल फोटो) Credit - cypresseyecentre
Eye Cancer in Children : बच्चों में आंखों के कैंसर रेटिनोब्लास्टोमा के मामले अधिक देखने को मिल रहे हैं। बीएचयू के कैंसर विभाग ने मीडिया को बताया है कि पिछले एक माह के भीतर पूर्वांचल इलाके से करीब 20 बच्चों की आंखों का कैंसर का मामला देखने को मिला। 40 प्रतिशत मामलों में आंखों को निकालना तक पड़ा। आइए, कैंसर सर्जन डॉ. जयेश शर्मा से रेटिनोब्लास्टोमा के लक्षण और कारण को समझते हैं।
डॉ. शर्मा के मुताबिक, बच्चों में आंखों का कैंसर दुर्लभ होता है। 16-18 हजार जिंदा बच्चों में से किसी एक को ऐसा होता है। इस कैंसर को रेटिनोब्लास्टोमा कहते हैं। ये दुर्लभ होने के साथ खतरनाक भी है। इससे आंखें खोनी पड़ सकती हैं। हालांकि, समय पर पहचान हो जाए तो स्वस्थ होने के चांसेज भी बढ़ जाते हैं। इसलिए, इसके लक्षण को पहचानना जरूरी है।
cypresseyecentre के डॉक्टरों के अनुसार, रेटिनोब्लास्टोमा का सबसे आम संकेत आंखों की पुतली में दिखने वाला बदलाव है। इस बात को माता-पिता अनदेखा ना करें। इसके अलावा इन लक्षणों से भी पहचान की जा सकती है जो निम्नलिखित हैं-
डॉ. शर्मा कहते हैं कि सामान्य आंखों में अंधेरे या फ्लैश में फोटो खींचने पर पुतली लाल (Red-eye effect) दिखाई देती है, लेकिन प्रभावित बच्चे की आंख में सफेद, चांदी जैसी या पीले रंग की चमक दिखाई देती है।
घर पर बच्चे की फोटो खींचते समय कैमरा 'फ्लैश' ऑन रखें। यदि पुतली में लाल के बजाय सफेद धब्बा दिखे, तो यह कैंसर का संकेत हो सकता है। हालांकि, आपको बेमतलब फोटो खींचकर जांच नहीं करना है। इससे आंखों पर बुरा असर पड़ सकता है।
अगर आपको पुष्टि करनी है तो पीडियाट्रिक ऑप्थल्मोलॉजिस्ट (बच्चों के नेत्र विशेषज्ञ) को दिखाएं। आप स्वयं से इस बात की पुष्टि ना करें कि बच्चे की आंख में कैंसर है या नहीं।
Updated on:
09 Apr 2026 05:10 pm
Published on:
09 Apr 2026 05:05 pm
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