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Dementia Symptoms: आपकी आंखों की रोशनी तो नहीं दे रही इस खतरनाक बीमारी का सिग्नल? 30 हजार लोगों पर हुई रिसर्च ने सबको चौंकाया!

Dementia Symptoms: डिमेंशिया का खतरा आंखों से भी पहचाना जा सकता है। नई स्टडी के मुताबिक रेटिना की मोटाई से अल्जाइमर और डिमेंशिया का जोखिम पता चलता है। जानें लक्षण और बचाव।

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भारत

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Dimple Yadav

Jan 01, 2026

Dementia Symptoms

Dementia Symptoms (Photo- freepik)

Dementia Symptoms: आज तक डिमेंशिया (Dementia) को पहचानने का सबसे बड़ा संकेत याददाश्त का कमजोर होना माना जाता रहा है। लेकिन अब वैज्ञानिकों ने एक ऐसा चौंकाने वाला तथ्य खोजा है, जिससे भविष्य में डिमेंशिया होने का खतरा आंखों की जांच से ही पता चल सकता है। यह नई रिसर्च बताती है कि हमारी आंखों का एक हिस्सा दिमाग की सेहत का आईना हो सकता है।

डिमेंशिया एक गंभीर और धीरे-धीरे बढ़ने वाली बीमारी है, जिसमें व्यक्ति की याददाश्त, सोचने-समझने की क्षमता, रोजमर्रा के काम और यहां तक कि व्यक्तित्व भी बदलने लगता है। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ के अनुसार, अमेरिका में 60 लाख से ज्यादा लोग इस बीमारी से पीड़ित हैं और हर साल एक लाख से अधिक मौतें डिमेंशिया से जुड़ी होती हैं।

आंखें कैसे देती हैं डिमेंशिया का संकेत?

Frontiers in Aging Neuroscience नाम की मेडिकल जर्नल में प्रकाशित एक स्टडी के मुताबिक, आंखों की रेटिना (Retina) में छिपा है डिमेंशिया का सुराग। रेटिना आंखों के पीछे मौजूद एक बेहद संवेदनशील परत होती है, जो रोशनी को पकड़कर दिमाग तक संदेश पहुंचाती है, ताकि हम चीजों को देख सकें। चीन के वैज्ञानिकों ने करीब 30 हजार वयस्कों पर लगभग 10 साल तक अध्ययन किया। इस दौरान उन्होंने पाया कि जिन लोगों की रेटिना पतली थी, उनमें आगे चलकर अल्जाइमर जैसी डिमेंशिया की बीमारी होने का खतरा ज्यादा था।

रिसर्च में क्या निकला चौंकाने वाला सच?

इस अध्ययन में रेटिना की जांच के लिए OCT (ऑप्टिकल कोहेरेंस टोमोग्राफी) नाम की तकनीक का इस्तेमाल किया गया। नतीजों के अनुसार, रेटिना की मोटाई में हर एक यूनिट की कमी से डिमेंशिया का खतरा करीब 3 फीसदी बढ़ जाता है। इतना ही नहीं, जिन लोगों की आंख के बीच वाले हिस्से की रेटिना ज्यादा पतली थी, उनमें फ्रंटोटेम्पोरल डिमेंशिया (FTD) होने की संभावना 41 फीसदी ज्यादा पाई गई। वैज्ञानिकों का मानना है कि आंखों की नस (ऑप्टिक नर्व) सीधे केंद्रीय तंत्रिका तंत्र यानी ब्रेन से जुड़ी होती है। ऐसे में अगर आंखों की रेटिना कमजोर हो रही है, तो यह दिमाग के धीरे-धीरे कमजोर होने का संकेत भी हो सकता है।

फॉलो-अप में क्या सामने आया?

करीब 9 साल बाद जब दोबारा जांच की गई, तो 148 लोगों में अल्जाइमर और 8 लोगों में FTD की पुष्टि हुई। इससे रिसर्च के नतीजों को और मजबूती मिली।

डिमेंशिया के आम लक्षण

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑन एजिंग और NHS के मुताबिक डिमेंशिया में ये लक्षण दिख सकते हैं:

  • याददाश्त कमजोर होना
  • सोचने और समझने की रफ्तार धीमी होना
  • बोलने में दिक्कत या गलत शब्दों का इस्तेमाल
  • निर्णय लेने में परेशानी
  • मूड और व्यवहार में बदलाव
  • चलने-फिरने या रोजमर्रा के काम करने में दिक्कत

बचाव कैसे करें?

डिमेंशिया को पूरी तरह रोकने का अभी कोई पक्का तरीका नहीं है, लेकिन हेल्दी लाइफस्टाइल, संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, अच्छी नींद और दिमाग को सक्रिय रखने से इसका खतरा कम किया जा सकता है। साथ ही, आंखों और दिमाग की नियमित जांच भविष्य में बड़ी बीमारी से बचा सकती है।