3 फ़रवरी 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Happy Mother’s Day : मजबूत हड्डियां, मजबूत मां: ऑस्टियोपोरोसिस से बचाव के लिए डाइट और टिप्स

माँ बनना एक अनोखा अनुभव है, लेकिन यह शरीर पर काफी मेहनत वाला भी होता है। क्या आप जानती हैं कि गर्भावस्था और स्तनपान के दौरान, माँ की हड्डियों से कैल्शियम बच्चे के विकास में मदद के लिए लिया जाता है? समय के साथ, अगर कैल्शियम की पूर्ति ठीक से ना हो, तो हड्डियाँ कमज़ोर हो सकती हैं। यह स्थिति ऑस्टियोपोरोसिस (Osteoporosis) कहलाती है।

2 min read
Google source verification
Strong Bones and Osteoporosis Prevention

Strong Bones and Osteoporosis Prevention

माँ बनना एक अनोखा अनुभव है, लेकिन यह शरीर पर काफी मेहनत वाला भी होता है। गर्भावस्था के दौरान, माँ की हड्डियों से कैल्शियम बच्चे के विकास में मदद के लिए जाता है। जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, हड्डियों का घनत्व कम होता जाता है, जिससे महिलाओं को ऑस्टियोपोरोसिस (Osteoporosis) का खतरा बढ़ जाता है।

ऑस्टियोपोरोसिस एक ऐसी बीमारी है जिसमें हड्डियां कमज़ोर और भ脆 हो जाती हैं, जिससे फ्रैक्चर (fracture) या टूटने का खतरा ज्यादा रहता है।

हालाँकि, अच्छी खबर यह है कि ऑस्टियोपोरोसिस (Osteoporosis) को रोका जा सकता है या इसके जोखिम को कम किया जा सकता है। आइए देखें कैसे:

यह भी पढ़ें - Mother’s Day 2024 : मां बनना है गजब का सफर, पर नींद कहाँ है?

ऑस्टियोपोरोसिस से बचाव के लिए डाइट और टिप्स

1. कैल्शियम से भरपूर आहार (Calcium se bharpoor aahar): कैल्शियम हड्डियों के निर्माण में अहम भूमिका निभाता है। डेयरी उत्पाद (dairy products) जैसे दूध, दही, पनीर; हरी सब्जियां, ब्रोकली, पालक; और मेवे जैसे बादाम और तिल कैल्शियम के अच्छे स्रोत हैं।

2. विटामिन D भी जरूरी (Vitamin D bhi jaroori): विटामिन D शरीर को कैल्शियम को अवशोषित करने में मदद करता है। सूरज की रोशनी विटामिन D का प्राकृतिक स्रोत है। इसके अलावा, आप विटामिन D से भरपूर खाद्य पदार्थों का सेवन भी कर सकती हैं, जैसे मशरूम, अंडे की जर्दी और फैटी फिश।

3. व्यायाम (Vyayam): नियमित व्यायाम हड्डियों को मजबूत बनाने और ऑस्टियोपोरोसिस के जोखिम को कम करने में मदद करता है। वजन उठाने वाले व्यायाम और तेज चलना हड्डियों के लिए विशेष रूप से फायदेमंद होते हैं।

यह भी पढ़ें - Fit for Life: माँ बनना है सुपरपावर, खुद को चार्ज करें इस आसान तरीके से

4. धूम्रपान और शराब से परहेज (Dhoomrapaan aur sharab se parhej): धूम्रपान और ज्यादा शराब का सेवन हड्डियों को कमजोर कर सकता है।

5. नियमित जांच (Niyamit jaanch): डॉक्टर से नियमित जांच करवाना जरूरी है। आपकी उम्र और स्वास्थ्य स्थिति के आधार पर, डॉक्टर हड्डियों के घनत्व की जांच के लिए टेस्ट करवाने की सलाह दे सकते हैं।

मजबूत हड्डियां स्वस्थ जीवन का एक अहम हिस्सा हैं। अपने खानपान, व्यायाम और जीवनशैली में बदलाव करके आप ऑस्टियोपोरोसिस के जोखिम को कम कर सकती हैं और एक स्वस्थ, मजबूत और खुशहाल जिंदगी जी सकती हैं।

Story Loader