
angina से छाती में पहली बार तेज दर्द होता है। इसे बदहजमी, पसलियों, खांसी से दर्द के अंतर को पहचानना जरूरी होता है। समय पर पहचान कर हार्ट अटैक से बचा जा सकता है। एनजाइना तीन तरह का हो सकता है।
स्टेबल एनजाइना: शारीरिक गतिविधि सीढिय़ां चढऩे, कसरत या अधिक भावुकता के कारण होता है। आराम करने पर कम हो जाता है।
अनस्टेबल एनजाइना : आराम करते, सोते हुए हो सकता है। सर्दी में ज्यादा होता है।
प्रिंजमेटल एनजाइना: हृदय की धमनियों के अस्थायी रूप से सिकुडऩ के कारण होता है। इसकी समय से पहचान, इलाज न होने से स्थिति खतरनाक हो सकती है।
यदि एक बार हार्ट अटैक हुआ तो...?
हृदय रोगों के बाद स्वस्थ जीवन जिया जा सकता है। चिकित्सक की परामर्श से जीवनशैली, खानपान रखना होता है। पेसमेकर लगा है तो इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से बचने की सलाह देते हैं। संतुलित भोजन हृदय रोगों से बचाने में मददगार है। सोडियम व सैचुरेटेड फैट वाली चीजों के प्रयोग से बचें। समय से नियमित दवाएं लेनी होती है।
हृदय रोग का कारण कोलेस्ट्रॉल का बढऩा
हृदय रोग का प्रमुख कारण कोलेस्ट्रॉल का बढऩा है। ट्राइग्लिसराइड, एलडीएल व एचडीएल का स्तर 200 एमजी/ डीएल से ज्यादा नहीं होना चाहिए। ईसीजी मरीज की छाती, भुजाओं व पैरों पर इलेक्ट्रोड पैच से हार्ट की इलेक्ट्रिक एक्टिविटी को रेकॉर्ड करते हैं। हार्ट की मांसपेशियों, वॉल्व की स्थिति जांचते हैं। एंजियोग्राफी के लिए कैथेटर को मरीज के हाथ या पैर की रक्त नलिका में डालकर एक्सरे मशीन से हार्ट की कार्यक्षमता का पता लगाते हैं।
...तो सर्जरी ही विकल्प
जब धमनियों में ब्लॉकेज होता है तो इंस्टंट डालने की जरूरत पड़ती है। ब्लॉकेज कई जगह होने पर बाइपास सर्जरी की जाती है।
एक्सपर्ट : डॉ. हेमंत चतुर्वेदी, कॉर्डियोलॉजिस्ट, जयपुर
Published on:
29 Sept 2019 09:31 pm

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