
नींद की खोली खाते युवक की प्रतीकात्मक तस्वीर | Photo - Gemini AI
Sleep Pills Side Effects : नींद नहीं आने की समस्या से अधिकतर लोग जूझ रहे हैं। कई लोग इस समस्या से बचने के लिए नींद की गोलियों का सहारा लेते हैं। भले इनसे मिनटों में राहत मिल जाती है। इन गोलियों से नींद भी भरपूर आती है। पर इन्हें लेना कितना सुरक्षित है? एक प्राइवेट हॉस्पिटल के रेस्पिरेटरी, क्रिटिकल केयर एवं स्लीप मेडिसिन विभाग के डायरेक्टर एवं एचओडी डॉ. मानव मनचंदा ने पत्रिका के साथ बातचीत में नींद की गोलियों को लेकर कई बातें शेयर की हैं।
डॉ. मनचंदा कहते हैं, लंबे काम के घंटे, डिजिटल स्क्रीन का अधिक इस्तेमाल और तनाव के कारण लोग नींद पूरी नहीं कर पाते। इसी कारण कई लोग अस्थायी या नियमित रूप से नींद की गोलियां लेने लगते हैं। लेकिन इन दवाओं का अनियंत्रित या लंबे समय तक इस्तेमाल खतरनाक हो सकता है।
वो आगे कहते हैं, “नींद की गोलियां अस्थायी राहत देती हैं, लेकिन लगातार इन्हें लेने से शरीर की प्राकृतिक नींद प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। लंबे समय तक सेवन से निर्भरता बढ़ती है और कई मामलों में स्मृति, ध्यान और मानसिक स्वास्थ्य पर भी असर पड़ सकता है।”
डॉ. बताते हैं, “कुछ लोग खुद से नींद की दवा लेने लगते हैं। कुछ लोग खुद से ही दवा की मात्रा बढ़ा लेते हैं, जो बेहद खतरनाक हो सकता है। खासकर बुजुर्ग और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं वाले मरीजों में दवा की मात्रा और अवधि का विशेष ध्यान रखना जरूरी है।”
वो ये कहते हैं कि नींद की गोलियां केवल शॉर्ट-टर्म और विशेष परिस्थितियों में ली जानी चाहिए। डॉक्टर आमतौर पर इन्हें तभी सुझाते हैं जब:
डॉ. कहते हैं, “नींद की गोलियों का सेवन हमेशा डॉक्टर की सलाह के अनुसार होना चाहिए। कभी भी खुद से दवा बढ़ाना या लगातार लेना जोखिम भरा है। इसे केवल अस्थायी समाधान के रूप में इस्तेमाल किया जाना चाहिए। जीवनशैली में सुधार और मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देना सबसे असरदार तरीका है।”
उनका कहना है, “इन उपायों से नींद को प्राकृतिक तरीके से लाया जा सकता है और ये प्रक्रिया बेहतर होती है। नींद की गोलियों पर निर्भरता कम हो जाती है। गोलियों को केवल जरूरी और कम अवधि के लिए इस्तेमाल करना चाहिए।”
Published on:
17 Mar 2026 04:20 pm
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