
Herpes Simplex Virus (Photo- gemini ai)
Herpes simplex virus: दाद सिंप्लेक्स वायरस यानी HSV एक बहुत आम वायरल संक्रमण है, जिससे दुनिया भर में करोड़ों लोग प्रभावित हैं। यह किसी भी उम्र में हो सकता है। कई लोग तो इस वायरस को बिना लक्षण के ही अपने अंदर लिए घूमते रहते हैं और जाने-अनजाने दूसरों को संक्रमित कर देते हैं। यह वायरस ज्यादातर मुंह और जननांगों को प्रभावित करता है, लेकिन कभी-कभी आंख, उंगली या शरीर के दूसरे हिस्सों पर भी असर डाल सकता है।
एक बार HSV शरीर में घुस जाए, तो यह पूरी जिंदगी के लिए नर्व सेल्स में छुपा रहता है। जब भी शरीर कमजोर पड़े, तनाव बढ़े या हार्मोनल बदलाव हों तभी यह दोबारा एक्टिव होकर छाले या जलन जैसे लक्षण दे सकता है।
HSV दो तरह का होता है। पहला HSV-1 होता है। ये अक्सर मुंह के पास कोल्ड सोर या फफोले बनाता है। होंठों के आसपास जलन, खुजली और छोटे-छोटे पानी वाले छाले दिखते हैं। दूसरा HSV-2 होता है। इसमें ज्यादातर जननांगों में छाले या जलन पैदा करता है। कई बार बुखार, बदन दर्द और सूजे हुए लिम्फ नोड्स भी हो जाते हैं। दोनों तरह के वायरस त्वचा से त्वचा के सीधे संपर्क से फैलते हैं, जैसे किस करना, सेक्स, संक्रमित जगह को छूना, ओरल सेक्स यह वायरस बिना दिखाई देने वाले छालों के भी फैल सकता है, इसलिए सावधानी जरूरी है।
लक्षण इस बात पर निर्भर करते हैं कि वायरस शरीर के किस हिस्से में है। मुंह वाला HSV-1, होंठों के पास झनझनाहट या जलन होना। छोटे पानी भरे छाले जो बाद में सूखकर ठीक हो जाते हैं। जननांग वाला HSV-2, जननांग में दर्द, खुजली, जलन, छाले या घाव, कभी-कभी हल्का बुखार या थकान हो सकता है। अन्य जगहों पर भी इसके लक्षण दिखते हैं। उंगलियां में दर्दनाक फफोले (Herpetic Whitlow) होते हैं, और आंख में जलन, लालपन और रोशनी से दिक्कत होती है। कई लोगों में कोई लक्षण नहीं होते, लेकिन वायरस फिर भी फैल सकता है। उम्र बढ़ने के साथ अक्सर आउटब्रेक कम होते हैं, लेकिन तनाव, बीमारी या हार्मोनल बदलाव उन्हें फिर से ट्रिगर कर सकते हैं।
HSV फैलने के सबसे आम तरीके संक्रमित त्वचा या छाले को छूना, ओरल या जननांग संपर्क, ओरल सेक्स से एक जगह का वायरस दूसरी जगह पहुंच सकता है। इसके ट्रिगर करने वाले कारण तनाव, कमजोर इम्यूनिटी, नींद की कमी, तेज धूप, बुखार या शरीर में कोई दूसरी बीमारी हो सकती है।
इसका कोई पक्का इलाज नहीं है, लेकिन सही देखभाल से इसे आराम से कंट्रोल किया जा सकता है। डॉक्टर की दी हुई एंटीवायरल दवाएं छाले कम करती हैं और जल्दी ठीक करती हैं। दूसरे लोगों को वायरस पहुंचने का रिस्क भी कम होता है। छाले हों तो उन्हें छूने या फोड़ने से बचें। आउटब्रेक के दौरान सेक्स न करें। कंडोम या डेंटल डैम का इस्तेमाल करें। तनाव कम रखें, पर्याप्त नींद लें और हेल्दी खाना खाएं। संक्रमित जगह को साफ और सूखा रखें। सही जानकारी और सावधानी से यह संक्रमण पूरी तरह कंट्रोल में रखा जा सकता है और दूसरों तक फैलने से रोका जा सकता है।
Published on:
07 Dec 2025 12:50 pm

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