
जयपुर। आई फ्लू एक आम वायरल इंफेक्शन है जो कभी-कभी बैक्टीरिया से भी होता है, इसे आम भाषा में आँख आना कहते हैं। आँख का लाल होना , दर्द होना और आंख से पानी आना इसके मुख्य लक्षण हैं ।
आंख आने पर आंखों हल्की चुभन महसूस होती है और ऎसा लगता है जैसे आंख में कुछ अटका हुआ है। इस रोग में आंख खोलने से भी दर्द होता है और रोग के बढ़ने पर गाढ़ा पदार्थ भी निकलता है इसलिए रात में पलकें चिपक जाती हैं।
यह एक संक्रामक रोग है। यह रोगी के तौलिये या रूमाल के इस्तेमाल से भी फैलता है। आज हम आपको इसके कुछ घरेलू उपचारों के बारे में बता रहे हैं जिन्हें आजमा कर आप आसानी से इस रोग में आराम पा सकते हैं। -
1- मुलहठी को दो घंटे तक पानी में भिगोकर रखें। उसके बाद उस पानी में रूई डुबोकर पलकों पर रखें , ऎसा करने से आंखों की जलन व दर्द में आराम मिलता है ।
2 -आधे गिलास पानी में दो चम्मच त्रिफला चूर्ण दो घंटे भिगोकर रखें । अब इसे छान लें, इस पानी से दिन में 3 -4 बार छींटें मारकर आँखें धोने से लाभ होता है ।
3 -नीम के पानी से आंख धोने के बाद आंखों में गुलाबजल डालें लाभ होगा।
4 -हरी दूब (घास ) का रस निकालें अब इस रस में रूई भिगोकर पलकों पर रखें, आंखों में ठंडक मिलेगी।
5 -हरड़ को रात भर पानी में भिगोकर रखें। सुबह उस पानी को छानकर उससे आंख धोएं , आंखों की लाली और जलन दूर होगी ।
6 -दूध पर जमी मलाई उतार लें, अब इसे दोनों पलकों पर रख कर ऊपर से रूई रखकर पट्टी बांध दें। यह प्रयोग रात को सोते समय करें ,लाभ होगा।
7- सुबह उठते ही अपना बासी थूक भी संक्रमित आंखों पर लगाने से ये रोग दूर होता है।
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