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पिज्जा खाने के शौकीन हैं, तो जरूर जानें ये फैक्ट!

प्रेगनेंसी में ये चीजें बिलकुल नहीं खानी चाहिए। इससे गर्भस्थ शिशु के टेस्टीस या फिर ओवरी और मलद्वार की दूरी कम हो जाती है।

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Rajeev sharma

May 16, 2016

जयपुर। पिज्जा खाने से आप सकते हैं खतरनाक बीमारियों की चपेट में, जानिए कैसे?फास्ट फूड खाने से वजन बढ़ता है, यह तो आपको पता होगा, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसमें एक रसायन भी होता है।

गौरतलब है कि हाल ही एक शोध में सामने आया कि पिज्जा हो या बर्गन इन चीजों को पैक करने के लिए थैलेट नाम के एक औद्योगिक रसायन का प्रयोग किया जाता है।

जाहिर सी बात है इससे सेहत को नुकसान होगा। हैरानी होगी आपको यह जानकर कि थैलेट रसायन प्लास्टिक और विनायल की साफ्टनेस बढ़ाता है।

यही वजह है कि इसका प्रयोग खाद्य पदार्थों को संरक्षित करने के लिए किया जाता है। थैलेट का इस्तेमाल पर्सनल केयर की चीजें इत्र, सोप, शैंपू, नेल पॉलिश, स्किन क्रीम में किया जाता है।

फूड पैकजिंग खिलौने, पर्दे, वॉल पेपर, प्लास्टिक रैपर में भी इसका उपयोग होता है। एन्वायरमेंटल हेल्थ पर्सपेक्टिव में पब्लिश शोध इस बात की पुष्टि करता है कि फास्ट फूड ज्यादा खाने वालों के यूरीन में थैलेट का स्तर सामान्य से 24 से 40 फीसदी अधिक होता है।

ब्रेड, केक, पिज्जा और नूडल्स में थैलेट का काफी प्रयोग किया जाता है। शोधकर्ताओं का कहना है कि इन रसायनों के कारण प्रजनन तंत्र को नुकसान पहुंचता है और नपुंसकता भी हो सकती है।

प्रेगनेंसी में ये चीजें बिलकुल नहीं खानी चाहिए। इससे गर्भस्थ शिशु के टेस्टीस या फिर ओवरी और मलद्वार की दूरी कम हो जाती है। पैदा होने के बाद बच्चे को कई तरह की दिक्कतें होती हैं।

फास्टफूड में अत्यधिक वसा, शुगर व अन्य हानिकारक तत्व उपस्थित रहते हैं जो अनेक रोगों का कारण है। फास्ट (जंक) फूड में कोल्ड्रिंक, केक, पैटीज, बरगर, पिज्जा, चिप्स, नूडल्स, फ्राइड फूड आदि आते हैं। एक नई स्टडी का दावा है कि फास्ट फूड दिमाग के लिए भी अच्छा नहीं है। रिसर्चरों के मुताबिक फास्ट फूड दिमाग को नुकसान पहुंचाता है।