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गले में खराश और खांसी है तो घर में करे शहद का उपयोग, मिलेगा फायदा

गले में खराश और खांसी है तो घर में करें शहद का उपयोग, मिलेगा फायदा
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मुंबई

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Subodh Kumar Tripathi

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Updated: 28 Apr 2021, 4:45 PM IST

गले में खराश और खांसी है तो घर में करे शहद का उपयोग, मिलेगा फायदा

गले में खराश और खांसी है तो घर में करे शहद का उपयोग, मिलेगा फायदा

गले में खांसी और खराश की समस्या है। तो आप इसे हल्के में ना लें और तुरंत उपचार कराएं। क्योंकि समस्या भी कोरोना वायरस के लक्षणों में से एक माना जा रहा है। ऐसे में अगर आप चाहे तो घर में भी शहद का उपयोग करके आप खांसी और खराश की समस्या से निजात पा सकते हैं। लेकिन आपको फिर भी टेस्ट करा ही लेना चाहिए।

आपको बता दें कि गले में खांसी और खराश कोरोना वायरस का अहम लक्षण माना जाता है। ऐसे में अगर आपको भी गले में खराश या खांसी है। तो एकदम परेशान होने की जरूरत नहीं है। लेकिन इसे हल्के में भी नहीं लें और तुरंत इससे निजात पाने के उपाय करें और अगर खांसी ज्यादा चल रही है। तो तुरंत चिकित्सक को दिखा कर जांच भी करा सकते हैं।

गले में खराश या खांसी है। तो शहद का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। अगर बच्चों को भी गले में खराश या खांसी है। तो आप शहद दे सकते हैं। जानकारी के अनुसार 1 से 5 साल तक के बच्चों को सोने से पहले दो चम्मच शहद देने पर खांसी में कमी आएगी और उन्हें नींद भी अच्छी आएगी।

शहद में एंटीमाइक्रोबियल्स और घाव को भरने के गुण होते हैं। इसलिए यह गले में दर्द या सूजन को कम करने में भी लाभदायक होते हैं। अगर खांसी और गले में खराश है। तो आप एक गिलास गर्म पानी में दो चम्मच शहद मिलाकर पी सकते हैं। अगर आप चाहे तो चाय में भी शक्कर की जगह शहद मिलाकर पी सकते हैं। रात में सोते समय दो चम्मच शहद का सेवन करना चाहिए।

आपको बता दें गर्म पानी में शहद मिलाकर पीने से आपको दिनभर एनर्जी महसूस होगी और आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ेगी। गर्म पानी में शहद मिक्स करके पीने से यह शरीर में मौजूद विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालती है। यह पेट से जुड़ी समस्याओं को दूर कर पाचन क्रिया भी मजबूत बनाती है।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।

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