
Increase your self confidence with Facebook therapy
फेसबुक पर लिखना एक प्रकार की थैरेपी है, जिससे व्यक्ति खुद को बेहतर तरीके से पहचान सकता है और अपनी प्रतिभा दूसरों के सामने उजागर कर खुद को इंप्रूव भी कर सकता है।
दिल को सुकून: ऑस्ट्रेलियन रिसर्च काउंसिल सेंटर फोर एक्सीलेंस एंड इनोवेशन के मुताबिक फेसबुक जैसी सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर लोग अपनी उपलब्धियों के बखान के अलावा गलतियों को स्वीकार करने का भी पूरा अवसर पाते हैं, जिससे उनका मन हल्का हो जाता है।
ज्ञान में बढ़ोतरी: सोशल साइट्स पर रोजाना नए विचार जानने और विशेषज्ञों की राय जानने का मौका मिलता है। इससे जुड़े रहने से दुनिया की तमाम तरह की जानकारी आप तक पहुंचती रहती हैं।
समान अवसर -
सोशल साइट्स सभी लोगों को समान अवसर प्रदान करती हैं। चाहे वह कोई विशेषज्ञ या विद्वान हों या सामान्य गृहिणी। हर रोज पचासों या सैकड़ों लोगों के विचार और उनके अभिव्यक्तिके तरीके को जानना व्यक्तित्व निखारने व खुद को राहत पहुंचाने का बेहद अच्छा और आसान तरीका है।
लेकिन याद रखें फेसबुक को अपनी आदत न बनाएं
Published on:
06 Aug 2020 11:28 pm

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