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दिल की धड़कन बढ़ने के साथ जोड़ों में हो रहा दर्द, तो जानिए इसका कारण और बचाव

Disadvantages of excess ironअगर आपके दिल की धड़कन रह-हर कर बढ़ जाती है या जोड़ों में अचानक से दर्द होने लगे तो इसके पीछे शरीर में असमान्य रूप से लौह तत्व का बढ़ना हो सकता है। जब भी शरीर में आयरन बढ़ता है शरीर में कई संकेत उभरते हैं। ऑयरन का अधिक होना जानलेवा भी हो सकता है। इसलिए इसके संकेतों को पहचान जरूर जान लें।

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Ritu Singh

Mar 12, 2022

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शरीर में आयरन की कमी के बारे में आपने बहुत सुना होगा, लेकिन क्या आपको पता है कि आयरन कई बार शरीर में अधिक भी हो जाता है। आयरन की अधिकता के कई लक्षण शरीर देता है। क्योंकि आयरन अधिक होना सेहत के लिए नुकसानदायक होता है, इसलिए इसे कम करना जरूरी होता है। तो चलिए स्वामी रामदेव के बताए उपाय के जरिये जानेंगे कि बढ़े हुए आयरन को कैसे कम किया जाए। उससे पहले आयरन अधिक होने के संकेत के बारे में जानें।

आयरन की अधिकता से नुकसान
शरीर में आयरन की अधिक होने पर सेल्स पर जोर पड़ता है और इसकी वजह से दिल की बीमारी, लिवर डैमेज, हड्डियों का कमजोर होना जैसी कई गंभीर समस्या पैदा हो जाती है।
शरीर में आयरन की मात्रा से होती है ये परेशानी
लिवर का बढ़ना या दर्द होना।

आयरन शरीर में कम करने के उपाय
स्वामी रामदेव के अनुसार अगर आपके शरीर में आयरन की अधिकता है तो आयरन युक्त फूड्स जैसे पालक, गुड़, हरी सब्जियां, किशमिश, कद्दू, अलसी आदि का सेवन कम कर देंना चाहिए। साथ ही इन चीजों का सेवन शुरू कर दें।
गोधन अर्क
औषधीय गुणों से भरपूर गोधन अर्क सेहत के लिए काफी फायदेमंद है। अगर आपके शरीर में आयरन की मात्रा बढ़ गई है तो रोजाना सुबह खाली पेट गोधन अर्क का सेवन करें। इससे आपको लाभ मिलेगा।

गोखरू
किडनी, हार्ट को हेल्दी रखने के साथ यूरिक एसिड को कंट्रोल करने में गोखरू काफी फायदेमंद साबित हो सकता है। वहीं दूसरी ओर इसका सेवन करके आप आयरन की अधिकता को भी कम कर सकते हैं। गोखरू, सर्वकल्प क्वाथ और कायाकल्प का क्वाथ पिएं। इससे आपको लाभ मिलेगा।
शंख प्रक्षालन
यह शरीर के हानिकारक टॉक्सिन को बाहर निकालने में मदद करता है। प्रक्षालन क्रिया में शंख का अर्थ होता है आंते और प्रक्षालन का अर्थ होता है धोना या सफाई करना। स्वामी रामदेव के अनुसार इस क्रिया को करने से आपके शरीर में आयरन नॉर्मल मात्रा में आ जाएगा।
अनुलोम विलोम व्यायाम जरूर करें
आयरन की अधिकता को कम करने के लिए अनुलोम विलोम भी काफी कारगर है। रोजाना 10 मिनट से आधा घंटे तक इस प्राणायाम को कर सकते हैं।

(डिस्क्लेमर: आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए दिए गए हैं और इसे आजमाने से पहले किसी पेशेवर चिकित्सक सलाह जरूर लें। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने, एक्सरसाइज करने या डाइट में बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।)