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कहीं आपकी सब्जी में भी हानिकारक तत्व तो नहीं?

बाजार से हम एकदम ताजा दिखने वाली हरी सब्जियां खरीद कर लाते हैं। कुछ सब्जियां बड़े आकार के कारण पसंद की जाती है। लेकिन ऐसी सब्जियां जो चमकदार होती हैं, ज्यादा फूली दिखती हैं वे सेहत को नुकसान भी पहुंचा सकती हैं। इसकी वजह गंदे नाले के पानी और कीटनाशकों का प्रयोग होती है। जानिए ये नुकसानदायक क्यों हैं?

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कहीं आपकी सब्जी में भी हानिकारक तत्व तो नहीं?

इन सब्जियों पर रिपोर्ट

राष्ट्रीय पर्यावरण इंजीनियरिंग अनुसंधान संस्थान (नीरी) ने गंदे पानी से उगाई जा रही सब्जियों पर हाल ही एक अध्ययन किया। अध्ययन में सात तरह की सब्जियों गोभी, फूल गोभी, मूली, बैंगन, धनिया, मेथी और पालक में धातु की उपस्थिति पता लगाने के लिए नई दिल्ली में तीन स्थानों से नमूने लिए। रिपोर्ट में तय मात्रा से काफी ज्यादा धातु पाई गई। इसमें सीसा, निकल, कैडमियम और मर्करी सहित कई धातुओं के अंश पाए गए।
खतरनाक स्तर
स ब्जियों की जांच की गई तो उसमें कई गुना अधिक धातुएं पायी गईं जो सेहत के लिए खतरनाक हैं। रिपोर्ट के मुताबिक आर्सेनिक 209 से 318 पीपीएम पाया गया जबकि यह बिल्कुल नहीं होना चाहिए। लेड की मात्रा 280 गुना ज्यादा पाई गई जबकि 0.11 पीपीएम से अधिक नहीं होना चाहिए। इसके अलावा सब्जी में मर्करी 1.0 पीपीएम से ज्यादा नहीं होना चाहिए जो १०५ से 139 पीपीएम पाया गया।
ऐसे प्रयोग हो
ऐसी सब्जियों के प्रयोग से उल्टी, सिरदर्द, पेट खराब होने की समस्या हो सकती है। इससे थकान व शरीर में भारीपन और दर्द हो सकता है। इन्हें लंबे समय तक खाने से किडनी, लिवर, दिमागी कार्यक्षमता, फेफड़ों पर असर हो सकता है। आंखों से संबंधित समस्या हो सकती है। रोग प्रतिरोधक क्षमता घटती है। कैंसर की आशंका भी बढ़ती है। बच्चों में जन्म के साथ ही विकृतियां हो सकती हैं।
सेहत को नुकसान
लेड की अधिकता से बच्चों का विकास बाधित होता है। पेट में दर्द, तंत्रिका तंत्र से संबंधित बदलाव और चिड़चिड़ापन शामिल हैं। सीसा बहुत ज़्यादा बढ़ जाना जानलेवा भी हो सकता है। सब्जियों में आर्सेनिक लिवर के लिए धीमे जहर की तरह है। इसके दुष्प्रभाव तुरंत नहीं दिखते हैं लेकिन इसमें कास्टिक की अधिकता के कारण किडनी को नुकसान हो सकता है। कैडमियम युक्त पदार्थों के अधिक सेवन से पेट व गुर्दे संबंधी समस्याएं बढ़ती हैं। इससे फेफड़ों संबंधी दिक्कतें भी बढ़ती हैं। शिमला मिर्च व टमाटर पर नैपकिन वाला पेपर रगडऩे पर यदि वह चिकना होता है तो पेट्रो जैली लगी हो सकती है जो पाचन तंत्र को कमजोर करती है।

ये उपाय करें

1- खीरा, मूली, गाजर बिना ठीक से धोए न खाएं। बहुत खतरनाक है।
2- धनिया, लहसुन और प्याज की पत्तियों को भी अच्छे से धोए बिना न प्रयोग करें।
3- खरीदते समय सब्जी साफ-सुथरी हो। देख लें कि पत्तों में कीड़े न लगे हों। सस्ते के चक्कर में खराब व गंदी सब्जियों या फलों को खरीदने से बचें। ये सेहत के लिए महंगे साबित होते हैं।
4- सब्जियों को अच्छी तरह से पकाकर खाएं। बेमौसम की सब्जी न खाएं। बिना धोए सब्जी का इस्तेमाल करने पर कई कीटाणु पकाने के बाद भी मरते नहीं हैं। पाचन को प्रभावित करते है।
- डॉ. सुजाता अग्रवाल, फिजिशियन, सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज, जयपुर