
jaundice case study: पीलिया से मिला 10 दिनों में छुटकारा, सिर्फ नारियल पानी, रसगुल्ला, गन्ने के जूस का इस तरह किया सेवन
मेरा नाम रूचि शर्मा है। मुझे पिछले महीने पीलिया हो गया था। सबसे पहले बुखार आया। मुझे लगा तीन दिन में सही हो जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। तीसरे दिन उबाके और कुछ भी खाने का मन नहीं हुआ। कब्ज और पेट में दर्द से परेशानी होने लगी। अचानक यूरीन का रंग गहरा पीला आने लगा। टेस्ट कराए तो पता चला मेरा बिलीरुबिन लेवल तीन से ज्यादा है और एसजीओटी और एसजीपीटी का स्तर करीब चार हजार के करीब है, जिसकी सामान्य रेंज 50 होती है। मतलब मेरे लिवर को बहुत ज्यादा नुकसान पहुंचा है। डॉक्टर्स को दिखाया तो उन्होंने कुछ दवाएं दी और डाइट का ध्यान रखने के लिए कहां और कुछ टेस्ट भी करवाएं। लिवर से संबंधित पांच टेस्ट करवाएं, जिसमें हेपेटाइटिस और सिरोसिस जैसे टेस्ट भी शामिल थे। किसी में भी कुछ नहीं निकला।
मैंने ऐसे बदली डाइट
मैंने लिक्विड्स पर ज्यादा ध्यान दिया। पीलिया पता चलने के दो से तीन दिन तक मुझसे कुछ भी नहीं खाया जा रहा था। फिर मैंने नारियल पानी पीना शुरू किया है। शुरू के पांच दिन सुबह और शाम नारियल पानी पीया। मुनक्का लिया, दूध बिल्कुल भी नहीं लिया। ब्रेकफास्ट में रसगुल्ला खाया। दिन के समय में गन्ने का जूस लेने लगी।
और हर आधे घंटे के बाद पानी पीया, इससे यूरीन में सुधार आया। पांच दिन बाद थोड़ी भूख लगने लगी तो उपमा और उबले चावल खाएं। धीरे—धीरे मूंग की दाल का सूप लेने लगी। दवाइयों और डाइट से स्वास्थ्य में सुधार आने लगा। आंखों का पीलापन भी दूर होने लग गया।
रोटी नहीं खाई
पीलिया में मैंने 15 दिन रोटी नहीं खाई। उपमा, इडली, दलिया और खिचड़ी की डाइट ली। गन्ने और नारियल के अलावा पपीते और मौसमी का जूस पीया। डिनर में मूली और टमाटर का सलाद लिया और सबसे जरूरी सौंफ का पानी भी पीया। इन सभी से मुझे बहुत आराम मिला। इस दौरान दूध, चाय और कॉफी का सेवन नहीं किया। बाहर का खाना तो अभी तक शुरू नहीं किया।
पीलिया की यह रही वजह
लिवर सबंधित कई टेस्ट कराने में जब कुछ निकलकर नहीं आया, तो डॉक्टर्स के मुताबिक कुछ गलत खाने में आ गया था, जिसने लिवर में सूजन बढ़ा दी, इस कारण अचानक से लिवर में परेशानी हो गई।
डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।
Published on:
21 Nov 2023 11:07 am
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