
खजूर में सैचुरेटिड और अनसैचुरेटिड फैटी एसिड होते हैं और ये केवल एनर्जी देने के लिए ही नहीं, बल्कि हीमोग्लोबिन बढ़ाने में भी बहुत फायदेमंद है। खजूद प्रोस्टाग्लैंडिन बनाता है, जिससे नार्मल डिलेवीरी होने के चांसेज बढ़ जाते हैं क्योंकि ये लेबर पेन के लिए जरूरी होता है। खजूर लेबर के समय को छोटा और आसान कर देता है, लेकिन इसकी अधिक मात्रा प्रीमैच्योर डिलीवरी के लिए जिम्मेदार होती है।
खजूर में प्रचुर मात्रा में फाइबर और आयरन होता है और इसमें मौजूद फ्रूक्टोज जल्दी टूट जाता है, इससे ब्लड शुगर लेवल को नुकसान पहुंचाए बिना ये तुरंत एनर्जी देने वाला होता है। प्रेग्नेंसी के अंतिम तीन महीनों में खजूर खाने के दो बड़े फायदे होते हैं। पहला ये गिरते हुए हीमोग्लोबिन के स्तर को बढ़ाता है और लेबर पेन को शुरू करने में मदद करता है।
खजूर के बेशुमार फायदे
प्रेग्नेंसी में खजूर खाने से एनीमिया का खतरा कम होता है और ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर लेवल को मेंटेन रखने में आसानी होती है। खजूर इम्यूनिटी बढ़ने के साथ ही शरीर में कैल्शियम की मात्रा संतुलित करने में कारगर है। खजूर ऑक्सीटोसिन प्रभाव को बढ़ाने में मदद करता है जिससे यूट्रस सेंसिटिविटी में सुधार आता है।
खूजर से मिलने वाले पोषक तत्व
100 ग्राम खजूर में करीब 6.7 ग्राम फाइबर, 1.8 ग्राम प्रोटीन, 0.9 मिलीग्राम आयरन, 15 माइक्रोग्राम फैट, 2.7 माइक्रोग्राम विटामिन के, 696 मिलीग्राम और 54 मिलीग्राम मैग्नीशियम होता है।
प्रेग्नेंसी में खजूर खाने का जानिए नियम
प्रेग्नेंसी के पहले तीन महीने में कब्ज की समस्या सबसे ज्यादा होती है ऐसे में खजूर खाना फायदेमंद होगा। जिसे ब्लड शुगर या ग्रुप बी स्ट्रेप इंफेक्शन है, उसे खजूर कम खाना चाहिए।
प्रेग्नेंसी की दूसरी तिमाही अगर आपका ब्लड शुगर लेवल ज्यादा है या आपका ग्लूकोज टेस्ट नॉर्मल नहीं आया है तो आपको प्रेग्नेंसी की दूसरी तिमाही में खजूर खाने से बचना चाहिए।
प्रेग्नेंसी की आखिरी तिमाही गर्भावस्था के आखिरी तीन महीनों में खजूर खाना बहुत जरूरी होता है। आप 36वें हफ्ते से यानि डिलीवरी डेट से चार हफ्ते पहले दिन में 6 खजूर खाएं।
प्रेग्नेंसी में कितने खजूर खा सकते हैं
प्रेग्नेंसी में दो खजूर खाना ही भरपूर होता है, लेकिन अगर आपका वेट कम है, ब्लड शुगर नॉर्मल है और एनेमिक हैं तो इसे चार से छह खजूर भी खा सकती हैं। पूरे दिन में इससे अधिक खजूर बिलकुल न खाएं, क्योंकि ये लेबर पेन की वजह बन सकता है।
(डिस्क्लेमर: आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए दिए गए हैं और इसे आजमाने से पहले किसी पेशेवर चिकित्सक सलाह जरूर लें। । किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने, एक्सरसाइज करने या डाइट में बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।)
Published on:
05 Mar 2022 12:37 pm
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