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जानिए वायरस, बैक्टीरिया, फंगस और प्र्रोटोजोआ से सेहत को होने वाले नुकसान के बारे में

सर्दी-जुकाम से लेकर मलेरिया, डेंगू और एड्स आदि सभी बीमारियां सूक्ष्मजीवों (वायरस, जम्र्स) की वजह से होती हैं।

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जयपुर

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Vikas Gupta

Aug 21, 2020

जानिए वायरस, बैक्टीरिया, फंगस और प्र्रोटोजोआ से सेहत को होने वाले नुकसान के बारे में

Know about health damage from viruses, bacteria, fungus and protozoa

सर्दी-जुकाम से लेकर मलेरिया, डेंगू और एड्स आदि सभी बीमारियां सूक्ष्मजीवों (वायरस, जम्र्स) की वजह से होती हैं।
जानते हैं जम्र्स और उनसे होने वाली बीमारियों के बारे में:-
वायरस (विषाणु) -
वायरस बैक्टीरिया की तरह खुद नहीं फैलते। ये तभी बढ़ते हैं जब किसी जीवित कोशिका जैसे इंसान, पेड़, पौधे और जानवर के अंदर हों।
बीमारियां : वायरस से हैपेटाइटिस ए, बी, सी व ई होता है। हैपेटाइटिस ए व ई दूषित पानी और हैपेटाइटिस बी व सी सैक्सुअल या ब्लड कॉन्टेक्ट से होता है। वायरस से रेबीज, सर्दी- जुकाम, मलेरिया, डेंगू, चिकनपॉक्स, खसरे और एचआईवी एड्स जैसी बीमारियां होती हैं।
ऐसे फैलते हैं : गंदे पानी, बासी खुला भोजन, क्लोज कॉन्टेक्ट्स (ब्लड या सैक्सुअल) से।
ऐसे बचें : सफाई रखें, पानी इक_ा ना होने दें। चिकनपॉक्स और हैपेटाइटिस बी जैसी बीमारियों के टीके समय पर लगवाएं।
बैक्टीरिया (जीवाणु)-
10 घंटे में एक बैक्टीरिया 100 करोड़ बैक्टीरिया को जन्म दे सकता है। जिससे यह रोगी को बहुत जल्दी अपनी चपेट में लेता है।
बीमारियां : इससे गले में खराबी, कान में इंफेक्शन,दांतों में कैविटी, निमोनिया, टॉन्सिल, टीबी व पेशाब नली में संक्रमण होता है।
ऐसे फैलते हैं : दूषित पानी और भोजन में तेजी से फैलते हैं।
ऐसे बचें : साफ-सफाई का पूरा ध्यान रखें। खाना खाने से पहले हाथ जरूर धोएं। ताजा भोजन खाएं और गंदा पानी पीने से बचें।
फंगस (फफूंद)-
फफूंद एक परजीवी है जो अक्सर बरसात के दिनों में दीवारों पर सफेद-काले रंग में जमी हुई दिखती है।
बीमारियां : दाद, खुजली, एथलीट फुट, रिंग वॉर्म, अस्थमा, साइनोसाइटिस व एलर्जी।
ऐसे फैलती है : जानवरों में कई तरह की फंगस होती हैं। जो लोग अपने पालतू जानवरों के बहुत करीब होते हैं, उन्हें ये प्रभावित कर सकती हैं। इसके अलावा नमी वाली जगहों पर फंगस पनपती हंै।
ऐसे बचें : बारिश के मौसम में यह संक्रमण सबसे ज्यादा होता है इसलिए नमी ना होने दें। हफ्ते में एक बार जूते धूप में रखें। बच्चे का डायपर गीला होते ही तुरंत बदल दें।
प्र्रोटोजोआ-
ये शरीर के किसी भी अंग में रह सकते हैं। ये जिस अंग में रहते हैं उसकी कार्यप्रणाली में रुकावट पैदा करते हैं।
बीमारियां : एंटी अमीबा और जिआरडिया जैसे प्रोटोजोआ की वजह से डायरिया, पेट दर्द होता है।
ऐसे फैलते हैं : यह दूषित पानी, भोजन और मिट्टी में पनपते हैं। टॉयलेट सीट पर हो सकते हैं इसलिए साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें।
ऐसे बचें : साफ पानी पीएं। खुला हुआ दूषित भोजन ना खाएं। खाना खाने से पहले हाथ धोएं।
वायरस ज्यादा खतरनाक
सभी तरह के सूक्ष्मजीवों में वायरस सबसे ज्यादा खतरनाक होते हैं क्योंकि इनका खात्मा करना संभव नहीं हुआ है। कई बीमारियों जैसे डेंगू और मलेरिया के लिए अब तक वैक्सीन भी उपलब्ध नहीं है। वायरस को सिर्फ सपोर्टिव ट्रीटमेंट से नियंत्रित किया जाता है। बैक्टीरिया और वायरस दोनों से बचने के लिए अपना इम्यून सिस्टम मजबूत बनाना जरूरी है। इसके लिए प्रोटीनयुक्त डाइट जैसे बीन्स, पनीर, मूंगफली और बादाम लें।
यूं रखें अपना खयाल-
अपने घर और उसके आसपास सफाई रखें। घर के टॉयलेट और किचन में नमी ना होने दें, रोजाना सफाई करें। टॉयलेट सीट और किचन सिंक जैसी जगहों पर बैक्टीरिया ज्यादा पनपते हैं इसलिए इनकी नियमित सफाई करें।
खांसते और छींकते वक्त मुंह पर कपड़ा रखें।
फल, सलाद धोकर खाएं।
खाना बनाते वक्त, बाथरूम इस्तेमाल करने के बाद, जानवरों के साथ खेलने, खाना खाने से पहले व बाद में हाथ जरूर धोएं।