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Viagra की दवा से बच सकती है बच्चों की जान! होगा इन दुर्लभ बीमारियों का इलाज

Sildenafil (Viagra) से Leigh syndrome जैसी गंभीर बीमारी में सुधार के संकेत। जानें रिसर्च क्या कहती है और कैसे काम करती है यह दवा।

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भारत

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Dimple Yadav

Apr 03, 2026

Viagra new research

Viagra new research (Photo- gemini ai)

Viagra New Research: सालों से Sildenafil को लोग Viagra के रूप में जानते हैं, जिसका इस्तेमाल मुख्य तौर पर इरेक्टाइल डिसफंक्शन के इलाज में होता है। लेकिन अब एक नई रिसर्च ने इस दवा को लेकर चौंकाने वाला खुलासा किया है। वैज्ञानिकों का कहना है कि यह दवा एक दुर्लभ और खतरनाक बीमारी Leigh syndrome के इलाज में भी मदद कर सकती है।

क्या है नई रिसर्च?

हाल ही में जर्नल Cell में छपी एक स्टडी के मुताबिक Sildenafil से Leigh syndrome के मरीजों में सुधार देखने को मिला है। यह बीमारी ज्यादातर छोटे बच्चों में होती है और धीरे-धीरे दिमाग और मांसपेशियों को कमजोर कर देती है। कई मामलों में यह जानलेवा भी साबित होती है। रिसर्च में सिर्फ 6 मरीजों पर ट्रायल किया गया, लेकिन इसके नतीजे काफी पॉजिटिव रहे। जिन मरीजों को यह दवा दी गई, उनमें मांसपेशियों की ताकत बढ़ी, दौरे (seizures) कम हुए और शरीर की ऊर्जा से जुड़ी समस्याओं में भी सुधार हुआ।

Leigh syndrome क्या होता है?

यह एक जेनेटिक बीमारी है, जिसमें शरीर की कोशिकाओं में मौजूद माइटोकॉन्ड्रिया (energy बनाने वाला हिस्सा) ठीक से काम नहीं करता। इसका असर सबसे ज्यादा दिमाग और मांसपेशियों पर पड़ता है। इसके लक्षण कुछ इस तरह हो सकते हैं:

  • मांसपेशियों की कमजोरी
  • बार-बार दौरे पड़ना
  • चलने-फिरने में दिक्कत
  • सांस लेने या निगलने में परेशानी
  • विकास में देरी

यह बीमारी बहुत दुर्लभ है, लेकिन काफी गंभीर होती है।

Sildenafil कैसे करता है काम?

Sildenafil एक ऐसी दवा है जो ब्लड फ्लो को बेहतर बनाती है। लेकिन रिसर्च में पाया गया कि यह सिर्फ खून का बहाव ही नहीं बढ़ाता, बल्कि कोशिकाओं की ऊर्जा बनाने की क्षमता को भी सुधार सकता है। लैब में किए गए टेस्ट में यह देखा गया कि यह दवा नर्व सेल्स की ग्रोथ बढ़ाती है। माइटोकॉन्ड्रिया को बेहतर बनाती है। शरीर की ऊर्जा की कमी को कम करने में मदद करती है। यही कारण है कि यह Leigh syndrome जैसी बीमारी में असरदार साबित हो सकती है।

मरीजों पर क्या असर दिखा?

रिसर्च के दौरान कुछ मरीजों में काफी अच्छा सुधार देखा गया कि दौरे कम हो गए या खत्म हो गए। चलने-फिरने की क्षमता बेहतर हुई। शरीर की रिकवरी तेज हुई। सबसे अच्छी बात यह रही कि दवा को मरीजों ने अच्छी तरह सहन किया और ज्यादा गंभीर साइड इफेक्ट्स नहीं दिखे।

आगे क्या होगा?

हालांकि यह रिसर्च अभी शुरुआती स्टेज में है और ज्यादा लोगों पर टेस्ट होना बाकी है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि अब बड़े क्लिनिकल ट्रायल किए जाएंगे, ताकि यह पक्का हो सके कि यह दवा कितनी सुरक्षित और असरदार है। इस रिसर्च की सबसे बड़ी खासियत यह है कि Sildenafil पहले से ही एक जानी-पहचानी दवा है। इसलिए अगर यह Leigh syndrome में काम करती है, तो इसका इलाज जल्दी उपलब्ध हो सकता है।