
जन्माष्टमी विशेष: कान्हा को पसंद थी माखन-मिश्री, सेहत के लिए भी है संजीवनी, जानें कैसे
आज जन्माष्टमी के दिन दही हांडी और माखन-मिश्री का भोग लगाकर श्रीकृष्ण को प्रसन्न किया जाएगा। नंदगांव, वृन्दावन और उनके उपासकों के बीच उनके माखन प्रेम का विशेष महत्त्व है। दरअसल, माखन और मिश्री गोविंद को अति प्रिय हैं। अगर आप भी कृष्ण की तरह नियमित रूप से माखन और मिश्री का उपभोग करते हैं, तो आपकी सेहत हमेशा तरोताजा बनी रहेगी। वैसे भी भारतीय रसोई में मक्खन का विशेष महत्त्व है। शुद्ध मक्खन सेहत के लिए बहुत लाभदायक होता है। इसके साथ ही मिश्री का सेवन भी सेहत के लिए बहुत फलदायी है। लड्डू गोपाल,बाल-गोपाल और माखनचोर कहलाने वाले कृष्ण के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में जानते हैं उनके प्रिय माखन-मिश्री के सेहत से चुड़े अचूक फायदों के बारे में।
चेहरा बनाए कांतिवान
अगर आप भी अपने चेहरे पर प्रकृतिक निखार चाहते हैं तो आज से ही माखन और मिश्री को एक साथ मिलाकर फेसपैक की तरह अपने चेहरे पर लगाने लगें। इससे कुछ ही दिनों में आपका चेहरा दमकने लगेगा। सप्ताह में करीब दो बार इस प्रयोग से चेहरे पर नेचुरल निखार आता है।
दिमाग को करे तेज
रोजाना अपने बच्चों को माखन और मिश्री का सेवन कराएं। ऐसा करने से उनका दिमागी विकास काफी बेहतर होता है। इसके साथ ही उनकी लंबाई भी काफी बढ़ेगी। माखन-मिश्री से बच्चों की बुद्धि तीव्र और प्रखर होती है, साथ ही याददाश्त भी अच्छी होती है।
आंखों की रोशनी बढ़ाए
मक्खन में विटामिन बी और कैरोटिन की प्रचूरता होती है, जो हमारी आंखों के लिए अच्छे होते हैं। अगर आप मक्खन और मिश्री का एक साथ सेवन करते हैं, तो इससे आपके आंखों की रोशनी तेज होगी। छोटे बच्चों को मक्खन-मिश्री खिलाने से उन्हें जल्दी चश्मा नहीं चढ़ेगा।
डिसक्लेमर: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें। राजस्थान पत्रिका इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है।
Published on:
12 Aug 2020 12:58 pm
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