
कोविड-19 पूरी दूनिया में अपना कहर बसरा चुका है। इसकी दूसरी लहर भारत के लिए सबसे ज्यादा खतरनाक रही है। वहीं इसके चौथी लहर आने को लेकर वैज्ञानिक अपने-अपने तर्कों के हिसाब से अलग-अलग दावे कर रहे हैं। इसी बीच लासा फीवर बीमारी तेजी से पैर फैला रही है। हालांकि अभी यह बीमारी दुनिया के कुछ ही देश में है लेकिन यदि यह बढ़ती है तो पूरी दूनिया के लिए बड़ी चुनौती बन सकती है।
लासा नाम का वायरस फैलाता है ये बीमारी
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार लासा फीवर, एक्यूट वायरल हैमोरेजिक फीवर होता है। यह लासा नाम के वायरस के कारण फैलता है। मनुष्य में यह वायरस आमतौर पर अफ्रीकी मल्टीमैमेट चूहों से आता है।
लासा फीवर के लक्षण
लासा फीवर और कोविड-19 के लक्षण आपसे में मेल खाते हैं। इसमें मरीज को तेज बुखार, हाथ पैर में दर्द, सिर में दर्द, पेट में दर्द, खांसी, के साथ डायरिया भी हो जाती है। लासा फीवर के गंभीर मरीजों के नाक व मुंह से खून, फेफड़ों में पानी, चेहरे पर सूजन जैसे कई समस्या आती है। हालांकि इसमे सबसे खतरनाक बात यह है कि 80% में इसके कोई भी लक्षण दिखाई नहीं देते हैं।
लासा फीवर से बचाव के तरीके
लासा फीवर बीमारी अफ्रीकी मल्टीमैमेट चूहों से फैलती है। इससे बचने के लिए खाने पीने वाली चीजों को अच्छे से धक के रखे जिससे खाने पीने वाली चीजे चुहों के संपर्क में न आए। इसके साथ ही साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखे।
Updated on:
01 Apr 2022 09:15 am
Published on:
31 Mar 2022 04:07 pm
बड़ी खबरें
View Allस्वास्थ्य
ट्रेंडिंग
लाइफस्टाइल
