
RO Water Side Effects (Photo- gemini ai)
RO Water Side Effects: आजकल भारत के कई घरों में RO वॉटर प्यूरीफायर लगभग जरूरी उपकरण बन चुका है। जैसे फ्रिज और गैस चूल्हा जरूरी होते हैं, वैसे ही साफ पानी के लिए लोग RO मशीन का इस्तेमाल करने लगे हैं। यह तकनीक पानी से बैक्टीरिया, वायरस, भारी धातुएं और दूसरी गंदगी को हटाकर उसे पीने के लिए सुरक्षित बनाती है।
लेकिन पिछले कुछ समय से एक सवाल बार-बार उठता है, क्या RO पानी पीने से शरीर में जरूरी मिनरल्स की कमी हो सकती है? कई लोग मानते हैं कि RO फिल्टर पानी से कैल्शियम और मैग्नीशियम जैसे जरूरी तत्व भी हटा देता है, जिससे सेहत पर असर पड़ सकता है।
RO यानी Reverse Osmosis तकनीक में पानी को एक खास झिल्ली (मेम्ब्रेन) से गुजारा जाता है। यह झिल्ली बहुत बारीक होती है, जो गंदगी, केमिकल्स, बैक्टीरिया और वायरस को रोक लेती है। इसी वजह से पानी ज्यादा साफ और सुरक्षित हो जाता है। हालांकि इस प्रक्रिया में कुछ प्राकृतिक मिनरल्स जैसे कैल्शियम और मैग्नीशियम की मात्रा थोड़ी कम हो सकती है। यही कारण है कि कई लोग सोचते हैं कि RO पानी “बहुत ज्यादा शुद्ध” हो जाता है और शायद सेहत के लिए अच्छा नहीं है।
न्यूट्रिशन एक्सपर्ट Palak Nagpal के अनुसार पीने का पानी हमारे शरीर को बहुत कम मात्रा में मिनरल्स देता है। शरीर को ज्यादातर पोषक तत्व हमारे रोजाना के खाने से ही मिलते हैं। अगर कोई व्यक्ति संतुलित और पौष्टिक आहार लेता है, तो RO पानी से कम हुए मिनरल्स की भरपाई आसानी से हो सकती है।
कैल्शियम के स्रोत: दूध, दही, पनीर, रागी, तिल, बादाम और हरी पत्तेदार सब्जियां कैल्शियम के अच्छे स्रोत हैं। यह हड्डियों और दांतों को मजबूत रखने में मदद करता है।
मैग्नीशियम के स्रोत: कद्दू के बीज, काजू, बादाम, ओट्स, ब्राउन राइस, दालें और हरी सब्जियां मैग्नीशियम से भरपूर होती हैं। यह मांसपेशियों और नसों के सही काम के लिए जरूरी है।
पोटैशियम के स्रोत: केला, नारियल पानी, शकरकंद, दालें और बीन्स पोटैशियम के अच्छे स्रोत हैं। यह दिल की सेहत और ब्लड प्रेशर को संतुलित रखने में मदद करता है।
किडनी विशेषज्ञ Aneesh Nanda का कहना है कि RO पानी से किडनी को आमतौर पर कोई नुकसान नहीं होता। RO का मुख्य काम पानी से हानिकारक तत्वों को हटाना है, जिससे पानी सुरक्षित बनता है। किडनी की सेहत के लिए ज्यादा जरूरी है कि व्यक्ति पर्याप्त पानी पिए, संतुलित आहार ले और स्वस्थ जीवनशैली अपनाए।
कुछ लोग यह भी सोचते हैं कि लंबे समय तक RO पानी पीने से शरीर का इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस बिगड़ सकता है। लेकिन विशेषज्ञों के मुताबिक स्वस्थ लोगों में ऐसा होने की संभावना बहुत कम होती है। शरीर खुद ही हार्मोन और किडनी के जरिए इन स्तरों को संतुलित रखता है।
Published on:
09 Mar 2026 06:10 pm
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