
Measles vaccine less effective in babies born by C-section!
एक नए अध्ययन में दावा किया गया है कि सी-सेक्शन से पैदा हुए बच्चों में खसरे का टीका (Measles vaccine) कम प्रभावी हो सकता है। अध्ययन के अनुसार, प्राकृतिक जन्म से पैदा हुए बच्चों की तुलना में, सी-सेक्शन से जन्मे बच्चों में पहली खुराक पूरी तरह से बेअसर होने की संभावना 2.6 गुना ज्यादा होती है।
खसरा (Measles) एक बहुत तेजी से फैलने वाली बीमारी है जिसे टीकाकरण द्वारा रोका जा सकता है। हालांकि, अगर टीका काम नहीं करता है, तो बीमारी फैलने का खतरा बढ़ जाता है।
अंग्रेज-चीनी शोधकर्ताओं के इस अध्ययन में पाया गया कि सी-सेक्शन से पैदा हुए बच्चों के लिए दूसरी खुराक बहुत जरूरी है। यह दूसरी खुराक ही बच्चों में खसरे से लड़ने की मजबूत रोग प्रतिरोधक क्षमता पैदा करती है।
अध्ययन में पाया गया कि टीके का प्रभाव बच्चों के आंतों में रहने वाले बैक्टीरिया के संग्रह (गट माइक्रोबायोम) के विकास से जुड़ा होता है। प्राकृतिक जन्म के दौरान मां से बच्चे को ज्यादा तरह के बैक्टीरिया मिलते हैं, जो बच्चे की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाते हैं।
अध्ययनकर्ताओं का कहना है कि सी-सेक्शन से पैदा हुए बच्चों को खासतौर पर दूसरी खुराक जरूर लगवा लेनी चाहिए।
खसरे को काबू में रखने के लिए कम से कम 95% लोगों का पूरी तरह से टीकाकरण होना जरूरी है। अध्ययन के लिए चीन के 1500 से ज्यादा बच्चों पर शोध किया गया। इन बच्चों के जन्म से लेकर 12 साल की उम्र तक हर कुछ हफ्तों में उनके ब्लड सैंपल लिए गए।
Published on:
13 May 2024 04:03 pm
बड़ी खबरें
View Allस्वास्थ्य
ट्रेंडिंग
लाइफस्टाइल
