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Microplastics in Human Body: हर हफ्ते शरीर में जा रहा 5 ग्राम प्लास्टिक! जानिए माइक्रोप्लास्टिक से सेहत को क्या है नुकसान

Microplastics in Human Body: माइक्रोप्लास्टिक अब हमारे खाने, पानी और हवा में मौजूद हैं। जानिए ये छोटे कण शरीर के अंदर क्या नुकसान करते हैं और कैसे बचाव करें।

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भारत

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Dimple Yadav

Apr 08, 2026

Microplastics in Human Body

Microplastics in Human Body (Photo- gemini ai)

Microplastics in Human Body:आज के समय में माइक्रोप्लास्टिक (microplastics) हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुके हैं, चाहे पीने का पानी हो, खाना हो या हवा। Journal of Hazardous Materials Letters में छपी एक स्टडी के मुताबिक, एक इंसान हर हफ्ते करीब 5 ग्राम प्लास्टिक निगल रहा है, जो लगभग एक क्रेडिट कार्ड के बराबर होता है। वहीं रिसर्च बताती है कि सालभर में हम 50,000 से ज्यादा माइक्रोप्लास्टिक कण अपने शरीर में ले जाते हैं।

माइक्रोप्लास्टिक क्या होते हैं?

माइक्रोप्लास्टिक बहुत छोटे प्लास्टिक के टुकड़े होते हैं, जिनका साइज 5 मिलीमीटर से भी कम होता है। ये बड़े प्लास्टिक के टूटने, कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स और कपड़ों से निकलने वाले फाइबर से बनते हैं। ये हमारे शरीर में खाने और पानी के जरिए, हवा के साथ सांस लेते समय, कुछ हद तक स्किन के संपर्क से पहुंचते हैं।

शरीर में पहुंचकर क्या नुकसान करते हैं?

Dr Mugdha Tapdiya के अनुसार, माइक्रोप्लास्टिक शरीर की कोशिकाओं (cells) तक पहुंचकर अंदर ही नुकसान करना शुरू कर देते हैं।

ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस

माइक्रोप्लास्टिक शरीर में ऐसे हानिकारक केमिकल (ROS) बनाते हैं, जो कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाते हैं। इससे DNA, प्रोटीन और सेल्स खराब हो सकते हैं। लंबे समय में यह दिल की बीमारी, डायबिटीज और कैंसर जैसी समस्याओं से जुड़ा हो सकता है।

लगातार सूजन (Inflammation)

ये कण इम्यून सिस्टम को एक्टिव कर देते हैं, जिससे शरीर में हल्की-हल्की सूजन बनी रहती है। यह सूजन धीरे-धीरे कई बीमारियों का कारण बन सकती है, जैसे हार्ट डिजीज, ऑटोइम्यून बीमारी, मेटाबॉलिक प्रॉब्लम शामिल है।

जहरीले केमिकल का असर

माइक्रोप्लास्टिक अपने साथ खतरनाक केमिकल भी लाते हैं, जैसे भारी धातुएं (heavy metals), हार्मोन बिगाड़ने वाले केमिकल (bisphenols, phthalates) ये शरीर के हार्मोन सिस्टम को बिगाड़ सकते हैं, जिससे थायरॉयड, प्रजनन क्षमता और मेटाबॉलिज्म प्रभावित हो सकता है।

सेल्स की परत को नुकसान

माइक्रोप्लास्टिक कोशिकाओं की बाहरी परत (cell membrane) को भी नुकसान पहुंचा सकते हैं। इससे शरीर में पोषक तत्वों का सही आदान-प्रदान प्रभावित होता है।

DNA को नुकसान

कुछ रिसर्च में यह भी संकेत मिले हैं कि माइक्रोप्लास्टिक DNA को नुकसान पहुंचा सकते हैं, जिससे भविष्य में कैंसर का खतरा बढ़ सकता है।

माइक्रोप्लास्टिक से कौन-कौन सी बीमारियां

अभी तक यह पूरी तरह साबित नहीं हुआ है कि माइक्रोप्लास्टिक सीधे कौन-कौन सी बीमारियां करते हैं, लेकिन रिसर्च साफ इशारा कर रही है कि ये शरीर के लिए सुरक्षित नहीं हैं। इसलिए प्लास्टिक का इस्तेमाल कम करें। पानी फिल्टर करके पिएं। प्रोसेस्ड फूड कम खाएं, क्योंकि भले ही ये कण आंखों से दिखाई नहीं देते, लेकिन शरीर के अंदर बड़ा नुकसान कर सकते हैं।