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Morning Stiffness Alert: सुबह जोड़ों में अकड़न, दोपहर तक ठीक हो जाता है दर्द? छिपी हो सकती है ये गंभीर बीमारी

Morning Stiffness Alert: सुबह के समय जोड़ों में दर्द और जकड़न को नजरअंदाज न करें। यह रूमेटाइड आर्थराइटिस का शुरुआती संकेत हो सकता है। जानें लक्षण, कारण और इलाज।

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भारत

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Dimple Yadav

Apr 16, 2026

Morning Stiffness Alert

Morning Stiffness Alert (photo- chatgtp)

Morning Stiffness Alert: अक्सर लोग जोड़ों के दर्द को थकान, गलत बैठने की आदत या ज्यादा काम का असर मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन अगर सुबह उठते ही जोड़ों में जकड़न (stiffness) ज्यादा महसूस होती है और चलने-फिरने से थोड़ा आराम मिलता है, तो यह साधारण दर्द नहीं, बल्कि रूमेटाइड आर्थराइटिस (Rheumatoid Arthritis - RA) का संकेत हो सकता है।

ऑर्थोपेडिक एक्सपर्ट डॉ. हरीश तलरेजा के अनुसार, इस तरह का दर्द सामान्य दर्द से अलग होता है। इसमें आराम करने पर दर्द बढ़ता है और मूवमेंट करने पर कम होता है, जो शरीर में सूजन (inflammation) का संकेत है।

सुबह की जकड़न क्यों होती है अलग?

साधारण जोड़ों का दर्द आमतौर पर काम करने से बढ़ता है, लेकिन RA में ठीक उल्टा होता है। इसमें सुबह उठते ही या लंबे समय तक एक जगह बैठे रहने के बाद जकड़न ज्यादा होती है, जो 45 मिनट या उससे ज्यादा समय तक रह सकती है। यह बीमारी एक ऑटोइम्यून डिसऑर्डर है, जिसमें शरीर का इम्यून सिस्टम गलती से अपने ही जोड़ों पर हमला करने लगता है। रिसर्च के अनुसार, इसके पीछे जेनेटिक, हार्मोनल और पर्यावरणीय कारण हो सकते हैं।

रूमेटाइड आर्थराइटिस के लक्षण

  • सुबह उठते ही जोड़ों में जकड़न
  • जोड़ों में सूजन और गर्माहट
  • दोनों तरफ के जोड़ों में दर्द (जैसे दोनों हाथ या दोनों घुटने)
  • थकान और भूख कम लगना
  • दर्द का बार-बार बढ़ना और कम होना

यह बीमारी पहले छोटे जोड़ों (उंगलियां, कलाई, पैर की उंगलियां) को प्रभावित करती है और धीरे-धीरे बड़े जोड़ों तक पहुंच सकती है।

समय पर पहचान क्यों जरूरी है?

अगर RA को नजरअंदाज किया जाए, तो यह धीरे-धीरे जोड़ों को नुकसान पहुंचा सकता है और चलने-फिरने में दिक्कत बढ़ सकती है। इतना ही नहीं, यह शरीर के दूसरे अंगों को भी प्रभावित कर सकता है, जैसे:

  • दिल की बीमारी
  • फेफड़ों की समस्या
  • हड्डियों का कमजोर होना (ऑस्टियोपोरोसिस)
  • आंखों में सूखापन
  • कुछ मामलों में कैंसर का खतरा

कैसे होती है जांच?

डॉक्टर सबसे पहले मरीज की हिस्ट्री और लक्षण देखते हैं। इसके बाद ब्लड टेस्ट (CBC, ESR, CRP, RF) और एक्स-रे, MRI या अल्ट्रासाउंड से बीमारी की पुष्टि की जाती है।

इलाज के क्या हैं विकल्प?

डॉ. तलरेजा बताते हैं कि RA का इलाज बीमारी को कंट्रोल करने पर फोकस करता है। DMARDs जैसी दवाएं सूजन को कम करती हैं। इम्यून सिस्टम को कंट्रोल करने वाली दवाएं भी दी जाती हैं। शुरुआती स्टेज में सर्जरी (Synovectomy) की जा सकती है। गंभीर मामलों में जॉइंट रिप्लेसमेंट भी जरूरी हो सकता है।

समय पर जांच और सही इलाज

अगर सुबह का दर्द रोज होने लगे और लंबे समय तक बना रहे, तो इसे नजरअंदाज न करें। समय पर जांच और सही इलाज से इस बीमारी को कंट्रोल किया जा सकता है।

डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।