
ओरल प्रॉब्लम के १० प्रतिशत मरीजों में यह परेशानी होती है। यह पेट व दांतों के कई रोगों को जन्म देती है।
मुंह सूखने की समस्या को जीरोस्टोमिया भी कहते हैं जो मुंह में लार की कमी से होता है। इसके कई कारणों में लार ग्रंथि का बंद हो जाना भी है। जिससे लार नहीं बन पाती है। ओरल प्रॉब्लम के १० प्रतिशत मरीजों में यह परेशानी होती है। यह पेट व दांतों के कई रोगों को जन्म देती है। मुंह को सूखने से बचाने वाली लार (सलाइवा) खाने को पचाने और दांतों को संक्रमण से दूर रखती है।
तीन तरह की होती हैं परेशानी
मसूढ़ों में सूजन
लार न बनने पर मुंह सूखता है। जिससे कुछ भी खाने के बाद भोजन दांत में फंसकर मसूढ़ों में सूजन पैदा करता है। वहीं पर्याप्त मात्रा में लार भोजन को फंसने नहीं देती।
संक्रमण
लार में मौजूद अच्छे बैक्टीरिया बुरे बैक्टीरिया व फंगस को मार कर दांतों की रक्षा करते हैं। रोग की वजह से अच्छे बैक्टीरिया की संख्या घटने से दांतों में संक्रमण बढ़ सकता है।
कृत्रिम दांत लगाने में समस्या
लार न बनने की स्थिति में कृत्रिम दांत यानी डेंचर आसानी से फिट नहीं हो पाते। ऐसे में उस जगह घाव बन जाते हैं। जो धीरे-धीरे अल्सर व कैंसर का रूप ले लेते हैं।
कारण : सोते समय मुंह से सांस लेना
शरीर में पानी की कमी होने के अलावा धूम्रपान करना,तंबाकू चबाना,सोते समय मुंह से सांस लेना,नाक की आंतरिक संरचना में गड़बड़ी, हार्मोंस में बदलाव,कैंसर के इलाज में रेडियोथैरेपी के दौरान रेडिएशन का दुष्प्रभाव भी ड्राई माउथ की वजह बनता है।
ऐसे पहचानें समस्या : बार-बार मुंह सूखना,प्यास लगाना,सांसों में बदबू आना,मुंह में छाले या घाव का बनना,होठों का फटना,गला सूखने जैसा महसूस होना, जीभ में जलन,खाना निगलने और बोलने में परेशानी,गले मेें खराश होना जैसे लक्षण ड्राय माउथ के हैं। डिप्रेशन-बेचैनी आदि में ली जाने वाली विशेष दवाओं के अलावा हाईबीपी,स्ट्रोक व एचआईवी रोगों के कारण भी यह समस्या हो सकती है।
ऐसे करें बचाव
कुछ सामान्य चीजों का ध्यान में रखकर और डेंटिस्ट की सलाह से इसे रोका जा सकता है।
सामान्य उपाय
पानी अधिक पिएं व शुगर-फ्री कैंडी चूसें,इससे लार बनती है।मुंह की जगह नाक से सांस लेने की आदत डालें। सोने वाले कमरे में नमी बनाए रखने के लिए रूम वेपोराइजर का प्रयोग करें।
डेंटिस्ट के सुझाव पर
दवा बदलें- मुंह अगर दवा के कारण सूख रहा है तो डॉक्टर से संपर्क कर दवा बदलने के लिए कह सकते हैं।
कीमोथैरेपी में : कीमोथैरेपी और रेडियोथैरेपी के कारण मुंह सूखने पर डेंटिस्ट की सलाह से कृत्रिम लार (सलाइवा)का प्रयोग कर सकते हैं।
एंडोक्राइनोलॉजिस्ट को दिखाएं : कई बार हार्मोंस में बदलाव के कारण लार बनने की नली बंद हो जाती है ऐसे में एंडोक्राइनोलॉजिस्ट को दिखाएं।
नाक में समस्या है तो : नाक की अंदरुनी संरचना में गड़बड़ी से मरीज मुंह से सांस लेता है जिससे मुंह सूखने लगता है। ऐसे में ईएनटी विशेषज्ञ को दिखाएं।
Published on:
02 Sept 2017 07:30 pm
बड़ी खबरें
View Allस्वास्थ्य
ट्रेंडिंग
लाइफस्टाइल
