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National Nutrition Week 2021: शारीरिक और मानसिक विकलांगता बढ़ाता है कुपोषण

National Nutrition Week 2021: देश को कुपोषण की समस्या से मुक्त करने के लिए राजस्थान पत्रिका और नरिशिंग स्कूल्स फाउंडेशन की संयुक्त पहल

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Deovrat Singh

Aug 31, 2021

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National Nutrition Week 2021 राष्ट्रीय पोषण सप्ताह विशेष
राजस्थान पत्रिका और नरिशिंग स्कूल्स फाउंडेशन की संयुक्त पहल के तहत

कुपोषण भारत में एक व्यापक स्वास्थ्य संकट है, जो आमतौर पर बचपन में शुरू हो जाता है। कुपोषण शारीरिक और मानसिक विकलांगता के साथ मृत्यु का भी कारण बन सकता है। इसलिए संतुलित आहार बहुत जरूरी है। संतुलित आहार से कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, वसा, विटामिंस, मिनरल्स, पानी और फाइबर जैसे सभी पोषक तत्त्वों को उचित मात्रा और अनुपात में शामिल किया जाता है। संतुलित आहार शरीर में संचित होने वाल पोषक तत्त्वों की मात्रा बढ़ाकर बीमारी, चोट आदि में एनर्जी प्रदान करता है।

इस तरह पूरी करें खुराक
संतुलित आहार को बढ़ावा देना फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया की ओर से शुरू किए गए 'ईट राइट इंडिया' अभियान का हिस्सा था। इसकी टैगलाइन 'सही भोजन बेहतर जीवन' रखी गई थी। संतुलित आहार में इन्हें शामिल करें-
मोटा अनाज
दालें/दूध/दही
हरी एवं पत्तेदार सब्जियां
फल
दाने और बीज
वसा और तेल

एक्सपर्ट
“हम सभी आयु वर्ग के लोगों के आहार व्यवहार में बदलाव देख रहे हैं। प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों की खपत बढ़ रही है और लोग अपने पारंपरिक आहार को पीछे छोड़ रहे हैं। यह हमारे भोजन में असंतुलन पैदा कर रहा है और हमारे आहार से एक या अधिक खाद्य समूह गायब हैं। एफएसएसएआई ईट राइट इंडिया पहल के माध्यम से जो खाद्य प्रणाली दृष्टिकोण पर आधारित है, संतुलित आहार के महत्व और स्थानीय मौसमी खाद्य पदार्थों के उपयोग के बारे में जागरूकता पैदा कर रहा है। नागरिकों को खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता के साथ-साथ अच्छी आहार प्रथाओं को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। स्कूलों, परिसरों, खाद्य उद्योग, अस्पतालों, सरकारी कार्यालयों आदि जैसी सभी सेटिंग्स में जागरूकता की जा रही है। खाद्य सुरक्षा और पोषण के क्षेत्र में विभिन्न हितधारकों को शामिल किया जा रहा है क्योंकि यह एक स्वस्थ खाद्य वातावरण बनाने की साझा जिम्मेदारी है।“.”
इनोशी शर्मा, कार्यकारी निदेशक, फ़ूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया (एफएसएसएआई)

पोषण से भरपूर थाली

कुपोषण को दूर करने के लिए जरूरी है कि अपनी थाली में सभी पोषक तत्त्वों को शामिल करें। जानें पोषक तत्त्वों का सही अनुपात-

आहार में सुधार के लिए उठाएं तीन कदम
दिन के लिए अपनी प्लेट की तुलना आइसीएमआर की ओर से अनुशंसित 'माय प्लेट' से करें।
प्रोसेस्ड और पैकेज्ड खाद्य पदार्थों की खपत में कटौती करें।
रोजाना कम से कम 5-6 गिलास पानी पीएं।

पोषण से जुड़े सवाल-जवाब
प्रश्न - नमक हैल्थ के लिए हानिकारक होता है, क्या इसे डाइट से हटा दें?
जवाब- नमक शरीर में पानी के संतुलन को नियंत्रित करने, मांसपेशियों की कार्यक्षमता बढ़ाने एवं तंत्रिका आवेगों को संचालित करने में मदद करता है। इसलिए संतुलित आहार में थोड़ा सा नमक बहुत जरूरी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने एक दिन में एक चम्मच (५ ग्राम) नमक को सुरक्षित माना है।
प्रश्न - एक दिन में कितनी चीनी का प्रयोग किया जा सकता है?
जवाब - चीनी का प्रयोग कम मात्रा में ही किया जाना चाहिए। भारतीय आहार के निर्देशों के अनुसार एक दिन में चार-पांच चम्मच का सेवन किया जा सकता है। इसमें पेय पदार्थों और खाद्य पदार्थ में मौजूदा चीनी भी शामिल है।

समझें शब्दावली
कार्बोहाइड्रेट - यह शरीर की ऊर्जा का मुख्य स्रोत हैं। यह आहार फाइबर की आवश्यकता पूरी करता है।
प्रोटीन - प्रोटीन कोशिकाओं के विकास, मरम्मत और उन्हें स्वस्थ रखने के लिए आवश्यक है।
विटामिंस - शरीर के सामान्य कामकाज और अच्छे स्वास्थ्य के लिए बहुत कम मात्रा में जरूरी हैं।